टीही के रास्ते पटरी पर आएगा पीथमपुर, जुलाई तक मालगाड़ीUpdated: Wed, 14 Jan 2015 08:45 AM (IST)

पीथमपुर से सटे गांव टीही को रेल लाइन के माध्यम से इंदौर और देश के अन्य शहरों से जोड़ दिया जाएगा।

इंदौर-दाहोद प्रोजेक्ट के तहत नई लाइन बिछाने के लिए रेलवे बोर्ड ने भेजा प्रस्ताव

अमित जलधारी, इंदौर। बरसों से रेल लाइन की राह तक रही उद्योग नगरी पीथमपुर को 2015 नई खुशियां देगा। पीथमपुर से सटे गांव टीही को रेल लाइन के माध्यम से इंदौर और देश के अन्य शहरों से जोड़ दिया जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि यदि जनवरी में रेलवे बोर्ड से लाइन बिछाने की अनुमति मिल गई तो जुलाई तक इंदौर-टीही के बीच पहली मालगाड़ी दौड़ा दी जाएगी। इससे यात्रियों को तो फायदा होगा ही, पीथमपुर से होने वाले सालाना 90 हजार कंटेनर परिवहन को सीधा रेल मार्ग मिल जाएगा।

पहले सीधे पीथमपुर तक रेल लाइन लाने की तैयारी थी, लेकिन टीही से पीथमपुर के बीच ढाई किलोमीटर लंबी टनल नहीं बनने से पीथमपुर रेल लाइन से नहीं जुड़ पा रहा था। अब रेलवे ने तय किया है कि जब तक टनल और पीथमपुर स्टेशन नहीं बन जाते, तब तक टीही में स्टेशन और कंटेनर डिपो बनाकर वहां से माल गाड़ियों का संचालन शुरू कर दिया जाए।

इंदौर से टीही के बीच नई लाइन बिछाने से पहले की सारी तैयारियां कर ली गई हैं। नई लाइन बिछाने से पहले रेलवे ने बड़े भू भाग पर अर्थ वर्क और पुलिया निर्माण पूरा कर लिया है। यह काम इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत किया जा रहा है। टीही से पीथमपुर बमुश्किल छह-सात किलोमीटर दूर है। पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में करीब 650 औद्योगिक इकाइयां काम कर रही हैं, जिनमें से लगभग 75 कंटेनर से संबंधित काम करती हैं।

खलघाट फोर लेन के पास बनेगा टीही स्टेशन

रेलवे की योजना के मुताबिक टीही का नया स्टेशन खलघाट फोर लेन रोड और राऊ-पीथमपुर रोड के बीच बनेगा। तीन लाइन के इस स्टेशन पर स्टेशन बिल्डिंग के अलावा माल गोदाम और कंटेनर डिपो बनाए जाएंगे। स्टेशन बिल्डिंग, दो प्लेटफॉर्म और लाइन बिछाने संबंधी टेंडर रेलवे ने कर दिए हैं और जल्द ही काम शुरू कर दिए जाएंगे।

बार-बार लोडिंग-अनलोडिंग से नुकसान

- अभी पीथमपुर से मुंबई आने-जाने वाले कंटेनर पहले पीथमपुर से रतलाम के बीच सड़क और रतलाम से मुंबई तरफ रेल मार्ग का सफर करते हैं। इसमें समय भी ज्यादा लगता है।

- बार-बार लोडिंग-अनलोडिंग के कारण कंटेनर में भरे सामान में भारी टूट-फूट होती है और उद्योगपतियों को आर्थिक नुकसान होता है।

अब बस इंदौर-महू लाइन बंद होने का इंतजार

- रेलवे ने दाहोद परियोजना के तहत सबसे पहले 39 किलोमीटर लंबे इंदौर-सागौर सेक्शन में अर्थवर्क और नए पुल-पुलियाएं बनाने का काम पूरा कर लिया है।

- इंदौर-दाहोद लाइन राऊ तक इंदौर-महू लाइन के समानांतर बिछेगी और राऊ से आगे पिगडंबर होते हुए टीही और पीथमपुर की ओर जाएगी।

- चूंकि अभी इंदौर-महू रेल लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही जारी है, इसलिए काम की ज्यादा हलचल राऊ से टीही के बीच दिख रही है। भविष्य में (संभवत: इसी महीने) जब गेज कन्वर्जन के लिए इंदौर-महू रेल लाइन को बंद किया जाएगा तो गेज कन्वर्जन और इंदौर-टीही लाइन बिछाने का काम साथ-साथ होगा।

- इंदौर से टीही की दूरी करीब 22 किमी है और रेलवे इस हिस्से में नई लाइन बिछाने पर 70 करोड़ रुपए खर्च करेगा।

राऊ-टीही के बीच ही बनना है लॉजिस्टिक हब

टीही तक रेल लाइन का आना पीथमपुर के लिए अच्छी खबर है। अब रतलाम के बजाय सीधे पीथमपुर से सटे टीही से कंटेनर लोड-अनलोड किया जाएगा। इसके अलावा पीथमपुर के लोगों को अन्य शहरों में आने-जाने के लिए ट्रेन का विकल्प भी मिलेगा। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तहत राऊ से टीही के बीच ही लॉजिस्टिक हब बनना है। इसके बाद इस क्षेत्र में संभावनाएं और बढ़ेंगी। - गौतम कोठारी, अध्यक्ष, पीथमपुर, औद्योगिक संगठन


बोर्ड चला गया प्रस्ताव, छह महीने तो लगेंगे

इंदौर-दाहोद प्रोजेक्ट के तहत सबसे पहले इंदौर-टीही के बीच नई लाइन बिछाने के लिए प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है। बोर्ड की अनुमति आने के बाद टीही तक लाइन बिछाने में छह महीने लगेंगे। इससे पीथमपुर से कंटेनर परिवहन आसान हो सकेगा। - जितेंद्रकुमार जयंत, वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी, पश्चिम रेलवे

जरूर पढ़ें

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.