अति प्रदूषित शहरों की सूची से बाहर आया इंदौरUpdated: Thu, 12 Oct 2017 03:58 AM (IST)

पर्यावरण मंत्रालय की अतिप्रदूषित शहरों की सूची में शामिल इंदौर शहर सफाई व हरियाली के लेकर हुए प्रयासों से सूची से बाहर आ गया है।

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। तीन साल पहले पर्यावरण मंत्रालय की अतिप्रदूषित शहरों की सूची में शामिल इंदौर शहर सफाई व हरियाली के लेकर हुए प्रयासों से सूची से बाहर आ गया है। इसके लिए जो एक्शन प्लान 2018 तक के लिए बनाया गया था, उसे सभी विभाग मिलकर पूरा करेंगे।

प्रदूषण को लेकर होने वाली त्रैमासिक बैठक में एक्शन प्लान के बचे काम पूरे करने के लिए 21 बिंदुओं पर चर्चा की गई और तय किया गया कि सफाई के बाद शहर प्रदूषण से भी मुक्त हो। प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी आरके गुप्ता ने बताया प्रदूषण कम करने के लिए शहर में हुए प्रयास और उसके परिणामों की जानकारी हमने भेजी थी। इसके बाद पर्यावरण मंत्रालय ने इंदौर को अति प्रदूषित शहरों की सूची से बाहर किया है।

शहर में इन प्रयासों से अच्छा मिला नतीजा

- बेहतर सफाई, सीवरेज व स्टॉर्म वाटर सिस्टम भी काम करने लगा।

- तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट काम करने लगे, जिससे खान नदी में प्रदूषण की मात्रा कम हुई।

- एआईसीटीएसएल द्वारा सीएनजी बसों का संचालन। हजारों आटो रिक्शा व निजी वाहन भी सीएनजी से चलने लगे।

- कई फैक्टरियों में ईंधन के रूप में पीएनजी का इस्तेमाल।

- सड़कों की मशीनों से सफाई और मलबे को लेकर बरती जा रही सख्ती से धूल के कण कम हुए।

- पॉलिथीन पर प्रतिबंध।

- स्टॉर्म वाटर लाइन और बड़े वाटर रीचार्जिंग से शहर के ज्यादातर इलाकों में जलजमाव की कमी आई। -लगातार चले हरियाली अभियान से कई इलाके हरे-भरे हुए।

अब ये प्रयास होंगे

- 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों पर सख्ती से कार्रवाई। लोक परिवहन के वाहनों में सीएनजी के ज्यादा से ज्यादा उपयोग पर जोर।

- रोलिंग मिल और प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों की लगातार जांच।

- जिन क्षेत्रों में सीवरेज सिस्टम नहीं है, वहां निगम लाइन बिछाएगा।

- सड़कें बनाकर धूल और जलजमाव की परेशानी दूर करेंगे।

संबंधित खबरें

जरूर पढ़ें

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.