वीडियो : डॉक्टरों को फाड़ना पड़ा अजगर का मुंह, नहीं बचा था कोई रास्ताUpdated: Wed, 13 Sep 2017 03:05 PM (IST)

अजगर के मुंह से बड़ा ट्यूमर था जिसे निकालने के लिए डॉक्टरों को अजगर के मुंह की सर्जरी करना पड़ी।

इंदौर। अजगर के चुंगल से जान बचाना नामुमकि कहा जाता है लेकिन इंदौर के डॉक्टरों ने कमाल करते हुए अजगर की जान बचा ली। दरअसल अजगर के मुंह से बड़ा ट्यूमर था जिसे निकालने के लिए डॉक्टरों को अजगर के मुंह की सर्जरी करना पड़ी।

ये पहला मौका था जब डॉक्टरों ने किसी रेपटाइल का इतना जटिल ऑपरेशन किया। चार विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने करीब डेढ़ घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद अजगर के मुंह से 300 ग्राम वजनी ट्यूमर निकाला। इसके बाद 10 दिनों तक अजगर को अंडर ऑब्जर्वेशन रखा गया, जब उसकी स्थिति सामान्य हुई तो उसे उसके पिंजरे में छोड़ दिया गया। हालांकि इंदौर चिड़ियाघर प्रबंधन अभी भी उसकी स्थिति, खानपान पर बारिकी से नजर रखे हुए है।

इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय के प्रभारी डॉ. उत्तम यादव के मुताबिक चिड़ियाघर में काफी समय से करीब 16 फीट लम्बा अजगर है। करीब 100 किलो वजनी ये अजगर कई दिनों से कुछ खा नहीं रहा था।

इसकी जानकारी लगने पर प्रबंधन के आला अधिकारियों ने अजगर का मेडिकल परीक्षण और तमाम जांच कराई गई तो उसके मुंंह में ट्यूमर होने का पता चला। कुछ दिनों तक दवाईयों की मदद से इस ट्यूमर को खत्म करने की कोशिश की गई लेकिन परेशानी दूर नहीं हुई।

इसके बाद विशेषज्ञों से चर्चा कर अजगर की सर्जरी करना तय हुआ। लेकिन डॉक्टरों के लिए अजगर को सर्जरी के लिए बेहोश करना बेहद मुश्किल काम था। डॉक्टरों ने सर्जरी के पहले 6 दिनों तक उसकी स्थिति पर नजर रखी और उसकी दिनचर्या को स्टडी किया गया। डॉक्टरों के सामने मुश्किल इसलिए थी क्योंकि इतने लम्बे और वजनी अजगर का ऑपरेशन इससे पहले नहीं किया गया था लिहाजा डॉक्टरों को एनीमल साइंस, वेटनरी साइंस से जुड़ी किताबें भी पढ़नी पड़ी।

4 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने डेढ़ घंटे तक चली सर्जरी के बाद अजगर का ट्यूमर निकाला। इससे पहले तमाम तरह की सतर्कता बरती गई। ऑपरेशन सफल रहा और ट्यूमर निकाला गया। इसके बाद 10 दिनों तक अजगर को फोर्स फीडिंग की गई और अजगर को आब्जर्वेशन में रखा गया है।

फिलहाल अजगर की स्थिति ठीक है लेकिन डॉक्टर उस पर नजर रख रहे हैं।

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