भ्रष्ट अधिकारियों ने इतना तंग किया कि ठेकेदार ने उठा लिया ये कदमUpdated: Wed, 13 Sep 2017 02:04 PM (IST)

इंदौर में सरकारी मुलाजिमों द्वारा रिश्वत की मांग से तंग आकर एक ठेकेदार ने आत्महत्या कर ली।

इन्दौर। भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस को लेकर तमाम तरह के दावे किए जाते हैं लेकिन इंदौर में सरकारी मुलाजिमों द्वारा रिश्वत की मांग से तंग आकर एक ठेकेदार ने आत्महत्या कर ली। ठेकेदार ने दो पेज का सुसाइड नोट भी लिखा है जिसमें भोपाल से लेकर इंदौर तक के उन अधिकारी-कर्मचारियों के नाम लिखे हैं जिन्होंने ठेकेदार से बिल पास करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी।

मिली जानकारी के मुताबिक ठेकेदार प्रकाश परिहार ने जहर खा लिया था। परिजनोंं ने उसे भंवरकुआं क्षेत्र स्थित निजी अस्पताल अस्पताल में भर्ती कराया था जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रकाश परिहार सरकारी ठेकेदार है और भ्रष्ट सरकारी तंत्र से परेशान होकर उसने ये कदम उठाया। 38 वर्षीय परिहार के पास 40 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण का ठेका लिया था। काम पूरा होने के बाद बिल पास करने के लिए इंदौर और भोपाल के कुछ अधिकारी ठेकेदार से मोटी रकम की मांग कर रहे थे। परिहार ने अपने बिल पास कराने के लिए काफी प्रयास किए लेकिन अधिकारी पैसों की मांंग पर अड़े रहे। परेशान होकर परिहार ने जहर खा लिया।

इन तमाम बातों और अपनी परेशानी का जिक्र प्रकाश परिहार ने दो पेज के अपने सुसाइड नोट में किया है। इनमें पीडबल्यूडी के दो अधिकारियोंं (सब इंजीनियर व एसडीओ) और प्रकाश से उधार लेने वाले शख्स का नाम भी लिखा है।

दरअसल प्रकाश ने भी कुछ लोगों से रूपये उधार लेकर आंगनवाड़ी के निर्माण के ठेके लिए थे। पैसोंं के लिए ये लोग भी उसे धमका रहे थे। प्रकाश ने सुसाइड नोट में ये भी लिखा कि इन सूदखोरों को वो मूल रकम से तीन गुना ज्यादा की रकम वापस कर चुका है, बावजूद इसके ये सूदखोर उससे रूपयों की मांग करते रहे हैं।

बहरहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी। इसके अलावा सुसाइड की भी जांच की जा रही है।

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