बच्चों को शुद्ध पानी पिलाएं वरना हो जाएगा डायरियाUpdated: Thu, 18 May 2017 03:57 AM (IST)

चिलचिलाती धूप और उमस ने बच्चों की सेहत का तापमान भी बिगाड़ दिया है। बच्चे उल्टी-दस्त से परेशान हो रहे हैं।

इंदौर। चिलचिलाती धूप और उमस ने बच्चों की सेहत का तापमान भी बिगाड़ दिया है। बच्चे उल्टी-दस्त से परेशान हो रहे हैं। अस्पताल में बच्चों की ओपीडी में 20 प्रतिशत संख्या बढ़ गई है। वार्डों में भी पलंग खाली नहीं बचे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों को स्वस्थ रखना है तो उन्हें स्वच्छ पानी पिलाएं, खुले रखे कंटेनर का पानी न पिलाएं। थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

एमवाय अस्पताल में इन दिनों बच्चों के वार्ड में हर चौथा मरीज डायरिया से ग्रस्त पहुंच रहा है। लगातार दस्त होने से बच्चे की हालत कमजोर हो रही है। यही स्थिति निजी अस्पतालों की है। गर्मी का मौसम और शादियों का समय, ऐसे में बाहर का खुला भोजन और पानी लेने से हालत बिगड़ रही है।

जिला अस्पताल में पिडियाट्रिक वार्ड में शत प्रतिशत बच्चे डायरिया से पीड़ित हैं। डॉक्टरों के मुताबिक सामान्य दिनों के मुकाबले 20 फीसदी मरीज बढ़ चुके हैं। डायरिया के साथ बुखार हो जाने से स्थिति ज्यादा बिगड़ रही है। पांच साल की नैना आठ दिन से भर्ती है।

आजाद नगर में रहने वाली बच्ची का डायरिया बहुत बढ़ जाने से ब्लडप्रेशर बेहद कम हो गया था। अब स्थिति में सुधार हो रहा है। ऐसी ही हालत बाणगंगा के अक्षय की हो गई थी। शादी से लौटने के एक दिन बाद ही उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

यह न करें

- अशुद्ध पानी न पीएं।

- खुले में बिकने वाला जूस पीने से बचें।

- धूप में खुले सिर न निकलें।

- शादियों में ठंडे पदार्थ न खाएं।

- बासी खाना भी न खाएं।

यह करें

- उबला पानी पीएं। ताजा भोजन खाएं।

- धूप में जाने से पहले ठंडा पानी पीएं।

- बच्चों को तेज धूप में न ले जाएं।

- बच्चों को ज्यादा से ज्यादा पानी पिलाएं।

सतर्क होने की जरूरत

इन दिनों डायरिया के मरीज बढ़ गए हैं। माता-पिता को बच्चों का बेहद ध्यान रखना चाहिए क्योंकि इससे बच्चे बेहद कमजोर हो जाते हैं। इन दिनों एमवायएच में 20 प्रतिशत मरीज बढ़ गए। हालांकि अभी गंभीर स्थिति नहीं हुई है लेकिन सतर्क होने की आवश्यकता है। - डॉ.शरद थोरा, मेडिकल कॉलेज डीन व शिशु रोग विशेषज्ञ

डायरिया बदलता है डिहाइड्रेशन में

जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले शत प्रतिशत बच्चे डायरिया व हीट स्ट्रोक से पीड़ित हैं। यहां तक कि कुपोषित बच्चे भी डायरिया के शिकार हो गए हैं। डायरिया ही ज्यादा बढ़ जाने पर बच्चे डिहाइड्रेशन का शिकार होते हैं जो जानलेवा है। इसके लिए बच्चों के खाने-पीने का बेहद ध्यान देने की जरूरत है। - डॉ. हेमंत द्विवेदी, शिशु रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल

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