कॉर्पोरेट कंपनियों में 45 फीसदी कर्मचारी डिप्रेशन और चिड़चिड़ेपन के शिकारUpdated: Tue, 10 Oct 2017 03:58 AM (IST)

कॉर्पोरेट कंपनी में काम करने वाले विभिन्न कारणों से होने वाले दबाव के कारण गंभीर डिप्रेशन और चिढ़चिड़ेपन के शिकार हो रहे हैं।

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कॉर्पोरेट कंपनी में काम करने वाले विभिन्न कारणों से होने वाले दबाव के कारण गंभीर डिप्रेशन और चिढ़चिड़ेपन के शिकार हो रहे हैं। आठ साल में ऐसे हालात लगातार बढ़े हैं। समय रहते सतर्क नहीं हुए तो आठ साल में दोगुना लोग मानसिक बीमारी की चपेट में आ जाएंगे।

यह स्थिति सिर्फ 300 कर्मचारियों पर किए गए अध्ययन में सामने आई है, जिसमें 45 फीसदी लोग इस हालत का शिकार हुए हैं। फिलहाल सॉफ्टवेयर कंपनी, बीपीओ, सरकारी-प्राइवेट अस्पतालों में काम करने वाले 35 प्रतिशत कर्मचारी छह घंटे से भी कम नींद ले रहे हैं।

इंदौर के मनोचिकित्सक डॉ. पवन राठी ने दो सॉफ्टवेयर कंपनी के उक्त कर्मचारियों की मानसिक स्थिति जानने के लिए अध्ययन किया। इसमें भयावह परिणाम सामने आए। पाया गया कि कार्यस्थल पर दबाव के कारण 45 प्रतिशत कर्मचारी डिप्रेशन का शिकार हो गए हैं। कम उम्र में युवा हाई ब्लड प्रेशर, हाई शुगर, सिरदर्द, कमर-पीठ में दर्द से परेशान हैं।

तमाम शारीरिक परेशानी और नींद की कमी के कारण कर्मचारी सिगरेट और शराब पीने के आदी हो गए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी आंकड़े इससे अलग नहीं हैं। दि एसोसिएट चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचेम) की सॉफ्टवेयर कंपनी की अध्ययन रिपोर्ट में भी 10 में से 3 कर्मचारी अलग-अलग कारणों से मानसिक तनाव में हैं। इसी वजह से इस वर्ष वर्ल्ड हेल्थ डे 'मेंटल हेल्थ एट वर्क प्लेस' विषय पर आयोजित हो रहा है।

इन कारणों से कर्मचारियों पर रहता है दबाव

-कम समय में ज्यादा काम।

-वरिष्ठ अफसरों से तालमेल नहीं होना।

-अच्छा काम करने पर भी प्रोत्साहन नहीं देना।

-दूसरे कर्मचारियों के सामने नीचा दिखाना।

-साथी कर्मचारियों का व्यवहार ठीक नहीं होना।

-कार्यालय में जरूरी सुविधाएं नहीं होना।

कार्यस्थल पर दबाव के बाद यह होती है स्थिति

- 10 में से 3 यानी 30 फीसदी कर्मचारी डिप्रेशन, चिढ़चिड़ाहट और इनसोमनिआ के शिकार।

- 48 फीसदी कर्मचारी हमेशा महसूस करते हैं थकान।

- 24 फीसदी कर्मचारी लगातार सिरदर्द से हैं परेशान।

- 28 फीसदी कर्मचारी सोते हैं 6 घंटे से कम।

- 43 फीसदी कर्मचारी तनाव कम करने के लिए लगातार सिगरेट पीने के हुए आदी।

- 53 फीसदी कर्मचारी नहीं करते कोई व्यायाम।

- 15 फीसदी कर्मचारी हाई ब्लडप्रेशर, स्पांडिलाइटिस के शिकार।

- 43 फीसदी कर्मचारियों का कार्यस्थल पर तनाव के कारण जीवनसाथी से विवाद।

- 38 फीसदी कर्मचारी अनियमित खानपान के शिकार।

(एसोचेम ऑर्गनाइजेशन द्वारा 2017 में आईटी कंपनियों के कर्मचारियों पर किए गए अध्ययन की रिपोर्ट)

ऐसे पाएं तनाव से निजात

- ऑफिस पहुंचते ही 10 मिनट कार्य की योजना बनाएं।

- काम की प्राथमिकता तय करें।

- काम के दौरान गर्दन को गोल घुमाते रहें और टहलें।

- दोनों हथेलियों को रगड़कर आंखों पर लगाने से आराम महसूस होता है।

- काम के दौरान हलका संगीत मन और दिमाग को शांति प्रदान करता है।

- अपनी क्षमता से उच्च अधिकारियों को अवगत कराएं।

- कार्य का तनाव घर लेकर न जाएं।

- घर के सदस्यों से बातचीत करते रहें।

मनोचिकित्सक से संपर्क करें

विशेषज्ञों के मुताबिक आपके व्यवहार में परिवर्तन महसूस हो रहा है और लोग भी चिढ़चिड़ा या डिप्रेशन का शिकार मानने लगे हैं तो मनोचिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। छोटे से उपचार से जीवन सुधर सकता है।

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