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सॉफ्टवेयर पर काम का दबाव बनाया तो पटवारी देंगे सामूहिक इस्तीफाUpdated: Tue, 18 Apr 2017 07:15 PM (IST)

दूसरी ओर इस मामले में लैंड रिकॉर्ड कमिश्नर एमके अग्रवाल का कहना है कि सॉफ्टवेयर में कोई खराबी नहीं है।

ग्वालियर। वेब जीआईएस सॉफ्टवेयर का विरोध और तेज हो गया है। मप्र पटवारी संघ के बैनर तले हड़ताल पर बैठे पटवारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर इस सॉफ्टवेयर पर काम करने के लिए उन पर दबाव बनाया जाता है तो प्रदेश के 9 हजार पटवारी सामूहिक इस्तीफा दे देंगे।

दूसरी ओर इस मामले में लैंड रिकॉर्ड कमिश्नर एमके अग्रवाल का कहना है कि सॉफ्टवेयर में कोई खराबी नहीं है। फिर भी पटवारियों और तहसीलदारों के विरोध के चलते प्रदेश सरकार ने सॉफ्टवेयर की वर्किंग की समीक्षा करने के लिए एक समिति बना दी है। इसके अलावा फर्जी एंट्रियों के मामले की जांच पुलिस की आईटी सेल से कराई जा रही है।

एडीएम रुचिका चौहान ने वेब जीआईएस सॉफ्टवेयर से की गई फर्जी एंट्रियों के मामले में अभी तक हुई जांच की रिपोर्ट से अवगत कराने के लिए लैंड रिकॉर्ड कमिश्नर को एक पत्र लिखा था। इसके बावजूद लैंड रिकॉर्ड कमिश्नर ने अब तक जिला प्रशासन को इस रिपोर्ट से अवगत नहीं कराया है और न ही जांच की दिशा को लेकर कोई चर्चा की है।

लैंड रिकॉर्ड कमिश्नर के इसी रवैये को लेकर पटवारी और तहसीलदार विरोध जता रहे हैं। उनका कहना है कि अन्य व्यक्तियों द्वारा उनके लॉगिन आईडी को खोलकर शासकीय और निजी भूमियों की फर्जी एंट्रियां की जा रही हैं।

पिछले साल 68 और इस साल अभी तक पांच से छह फर्जी एंट्री के ऐसे मामले पकड़ में आ चुके हैं। जबकि लैंड रिकॉर्ड कमिश्नर कार्यालय इस मामले में सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी मानने से स्पष्ट इनकर कर रहा है।

सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी के आरोप बेबुनियाद हैं। नई तकनीक आती है तो कुछ समस्याएं आती ही हैं। सॉफ्टवेयर को लेकर जो परेशानियां हैं, उन्हें दूर किया जा रहा है। फर्जी एंट्री मामले की जांच पुलिस के आईटी सेल से करा रहे हैं। जांच कहां तक पहुंची है, इस बारे में अभी कुछ नहीं बता सकते हैं। - एमके अग्रवाल, कमिश्नर लैंड रिकॉर्ड विभाग, मप्र

हमने लैंड रिकॉर्ड कमिश्नर को स्पष्ट कर दिया है कि यदि वेतनमान में संसोधन सहित अन्य मांगें पूरी कर देंगे तो हम अपनी हड़ताल खत्म कर देंगे। हालांकि हड़ताल से लौटने के बाद भी हम वेब जीआईएस सॉफ्टवेयर पर काम नहीं करेंगे। इस सॉफ्टवेयर पर काम करना किसी भी शर्त पर मंजूर नहीं है। अगर शासन ज्यादा दबाव बनाएगा तो प्रदेश के 9 हजार पटवारी सामूहिक तौर पर इस्तीफा दे देंगे। - रंधावा सिंह खत्री, कार्यकारी प्रांत अध्यक्ष, मप्र पटवारी संघ

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