'राष्ट्रपति का पोता व गरीब को बेटा एक साथ पढ़ें, तभी खत्म होगा आरक्षण'Updated: Mon, 21 Dec 2015 08:17 AM (IST)

उमा ने कहा- राष्ट्रपति का पोता और एक गरीब का बच्चे को एक जैसी शिक्षा प्राप्त न हो, तब तक आरक्षण खत्‍म नहीं होगा।

ग्वालियर। देश से तब तक आरक्षण खत्म नहीं हो सकता, जब तक कि एक राष्ट्रपति का पोता और एक गरीब का बच्चा सरकारी अस्पताल में एक जैसा इलाज व स्कूल में एक जैसी शिक्षा प्राप्त न हो। अभी देश से आरक्षण खत्म करने की बात बेमानी है। यह बात केंद्रीय जल संसाधन व गंगा सफाई अभियान मंत्री उमा भारती ने रविवार को यहां लक्ष्मीबाई समाधि के सामने आयोजित लोधी समाज के अखिल भारतीय सम्मेलन के दौरान कही।

उमा भारती ने कहा कि अन्याय की लिए न्याय की लड़ाई लड़ना मुझे सबसे अच्छा लगता है। यह योग और समाधि से ऊपर है। रामायण और गीता को पढ़ने में इतना आनंद नहीं आता है, जितना असहायों की सहायता करने में आता है। यह भी प्रभु भक्ति है। मेरी जाति मेरी ताकत है। जब तक लोधी समाज मेरे साथ है। मुझे कोई भी नष्ट नहीं कर सकता है। मैं लोधी समाज की बात केंद्र और राज्य में जरूर पहुंचाऊंगी। समाज विकास के लिए महिला और पुरुष दोनों ही शिक्षित हों।

सुश्री भारती ने कहा कि ग्वालियर मेरा पुराना नाता है। अम्मा महाराज (राजमाता विजयाराजे सिंधिया) मुझे राजनीति में लेकर आईं। वे मुझे अपनी बेटी मानती थीं। मुझे 8 साल की उम्र में राजकुमारियों की तरह रखा। उन्हीं ने मुझे संयास की गुरु दीक्षा दिलाई थी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह महिला की आन, गाय की जान और तिरंगे की शान में किसी भी पद को छोड़ने के लिए सदैव तैयार रहेंगी। इस अवसर पर लोधी समाज हजारों की संख्या में मौजूद थे।

ये भी कहा

- मैं उस शादी में नहीं जाती हूं। जिस शादी में दहेज और फिजूल खर्ची की जाती है।

- गाय की रक्षा के लिए पॉलीथिन में मसाले और रोटी रखकर मत डालो। ऐसा करने से जब गाय उसे खाती है तो वह मर जाती है।

-उमा भारती ने प्रीतम सिंह लोधी और उनके परिवार से परेशानी के समय में उनका साथ नहीं देने पर माफी मांगी। साथ ही उनके परिवार और अपने रिश्ते को लेकर भी सफाई दी।

गंगा के लिए सभी का साथ जरूरी

गंगा देश की पहचान है। गंगा के लिए पूरे विश्व समुदाय को आगे आना चाहिए। सरकार ने गंगा सफाई के लिए 20 हजार करोड़ रुपए दिए हैं। हम एक ऐसी योजना बना रहे हैं। जिसमें गंगा की सफाई कर उसके पानी को पीने योग्य बनाया जाएगा। गंगा के ऊपर 50 करोड़ लोग आश्रित है। इन सभी को इस कार्य में अपना सहयोग देना चाहिए।

मोदी से सीखा प्रशासक को सख्त होना चाहिए

- मोदी मेरे गुरु हैं। मैंने उनसे ही सीखा है कि प्रशासक को शख्त होना चाहिए। प्रशासक सख्त नहीं होगा, तो महिला सुरक्षित नहीं रहेगी। गरीबों को हक नहीं मिलेगा। यह सब मैंने प्रधानमंत्री मोदी से सीखा है। जब मैं सीएम थी, तब मेरे कार्यों का कैलेंडर उन्हीं ने तैयार किया था।

शिवराज विन्रम हैं, मैं नहीं हूं

-मैं शिवराज की तरह विनम्र नहीं हो सकती हूं। मेरे पद के बाद शिवराज ने बड़ी ही विन्रमता के साथ सरकार चलाई है। मैं इतनी विनम्रता के साथ नहीं कर सकती थी, क्योंकि मैं सख्त हूं। शिवराज ने अपने कार्यों से प्रदेश को देश के कृषि क्षेत्र में अव्वल स्थान पर लाकर खड़ा कर दिया है।

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