'पुलिस हिरासत से भागना आसान, लेकिन दगाबाज दोस्तों के कारण पकड़ा जाता हूं'Updated: Sun, 16 Jul 2017 10:05 PM (IST)

दो दिन की रिमांड अवधि पूरी होने पर क्राइम ब्रांच ने रविवार को शातिर वाहन चोर प्रदीप राठौर को न्यायालय में पेश किया।

ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। दो दिन की रिमांड अवधि पूरी होने पर क्राइम ब्रांच ने रविवार को शातिर वाहन चोर प्रदीप राठौर को न्यायालय में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। प्रदीप राठौर पांच बार पुलिस की हिरासत से भागने के बाद छठवीं बार पकड़ में आने के बाद सेंट्रल जेल गया है। जेल जाने से पहले प्रदीप राठौर ने नईदुनिया को बताया कि पुलिस की हिरासत से भागना आसान है। लेकिन हर बार दोस्तों के दगा देने के कारण वह पकड़ में आ जाता है।

उसने बताया कि फिलहाल भागने का कोई मूड नहीं है। पिछली बार भी मैं पुलिस को पहले से आगाह कर हिरासत से भागा था। कोर्ट के आदेश पर प्रदीप को जेल छोड़ने जा रहे क्राइम ब्रांच के जवानों का कहना था कि इसकी बात का कोई भरोसा नहीं है। ये अब तक 22 जवानों को निलंबित करा चुका है।

यहां बता दें कि पिछले वर्ष यूनिवर्सिटी थाने की हवालात में सेंध लगाकर अपने साथियों के साथ भागने के बाद शातिर वाहन चोर प्रदीप राठौर को पकड़कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था। जेल जाने से पहले प्रदीप ने पुलिस अधिकारियों से कहा था कि पुलिस उसे ज्यादा दिन तक जेल में रोक नहीं पाएगी।

करीब दो महीने पहले जिला कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस के 2 जवानों को गच्चा देकर वह भाग निकला था। क्राइम ब्रांच फिर उसे दिल्ली से पकड़ लाई। हालांकि पुलिस ने दावा किया कि प्रदीप राठौर जलालपुर रोड पर स्थित सीएनजी पेट्रोल पंप लूटने के लिए अपने पांच साथियों के साथ आया था। इसी दौरान उसे पकड़ लिया गया।

कोर्ट से बाहर निकलते ही हंसने लगा

रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद क्राइम ब्रांच के पांच जवानों की टीम उसे रविवार की दोपहर 12 बजे के लगभग कोर्ट में पेश करने से पहले मेडिकल कराने के लिए जेएएच लेकर गई। इस दौरान उसके दोनों हाथ बंधे हुए थे। मेडिकल के बाद करीब तीन बजे उसे कोर्ट में पेश किया गया। प्रदीप राठौर का जेल वारंट बनते ही जवान उसे बोलेरो से सेंट्रल जेल छोड़ आए। जेल में उसे अलग बैरक में रखा जाएगा। जेल जाते समय प्रदीप राठौर के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। कोर्ट से बाहर निकलते ही वह हंस रहा था।

सरमन का नाम सुनते ही बोला, मेरा कोई वास्ता नहीं

प्रदीप राठौर से जब नईदुनिया संवाददाता ने पूछा कि साइको किलर सरमन शिवहरे ने उसे जेल से भगाने के मदद करने के एवज में कितने पैसे देने का वादा किया था। इस सवाल के जवाब में प्रदीप हंसते हुए बोला कि भाई साहब आप मुझे क्यों मरवाना चाहते हो। मेरा सरमन शिवहरे से कोई वास्ता नहीं है। जेल सूत्रों का कहना है कि जेल में सरमन और प्रदीप के बीच उसे भगाने में मदद करने के लिए डील हुई थी। पहले भी सरमन पैरोल पर रिहा हुए 2 सजायाफ्ता बंदियों से भागने में मदद करने की डील कर भागने की कोशिश कर चुका है। इस बार जेल प्रशासन भी प्रदीप को सरमन से अलग रखने की व्यवस्था कर रहा है।

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