बिस्तर को लेकर विवाद, वरमाला के बाद बगैर दुल्हन लौटी बारातUpdated: Tue, 14 Nov 2017 10:43 PM (IST)

जैन छात्रावास में आयोजित शादी समारोह में वरमाला के बाद वर पक्ष के गद्दे-रजाई मांगने से शुरू हुए विवाद ने रात में तूल पकड़ लिया।

ग्वालियर। जैन छात्रावास में आयोजित शादी समारोह में वरमाला के बाद वर पक्ष के गद्दे-रजाई मांगने से शुरू हुए विवाद ने रात में तूल पकड़ लिया। विवाद के बाद वधू ने शादी करने से इंकार कर दिया। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।

नाते-रिश्तेदारों ने वर-वधू पक्ष के बीच सुलह कराने की काफी कोशिश की, लेकिन विवाद एक बार शांत होने के बाद फिर शुरू हो गया। विवाद के बाद खंडवा से आई बारात शादी में अब तक हुए खर्च का भुगतान कर बगैर दुल्हन के वापस लौट गई। दोनों पक्षों ने थाने में राजीनामा पेश कर विवाद का पटापेक्ष किया।

कोटेश्वर मंदिर के सामने निवासी बीपी तिवारी की बेटी लोनी तिवारी का रिश्ता खंडवा निवासी रोहित पुत्र अशोक गुरु के साथ तय हुआ था। लोनी दिल्ली में व अशोक पुणे में प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं। लोनी व अशोक के दोनों को पसंद करने के बाद शादी 13 नवंबर को तय हुई थी।

वधू पक्ष 13 नवबंर को रोहित व लोनी की शादी कई दिनों से तैयारी कर रहे थे। सबकुछ खुशी-खुशी हो रहा था। मंगलवार रात खंडवा से रोहित की बारात लेकर परिजन व नाते-रिश्तेदार ग्वालियर आ गए। बारात जैन छात्रावास पहुंच गई और वरमाला भी हो गई।सात फेरों के अलावा अन्य रस्में शुरू होती उससे पहले ही विवाद शुरू हो गया।

रजाई गद्दे मांगने से विवाद शुरू हुआ

शादी समारोह में वर पक्ष के रात 12 बजे के लगभग रजाई-गद्दे मांगे। वद्यु पक्ष का कहना था कि टेंट वाले के जाने के बाद रजाई-गद्दे से कहां से लाकर दें। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। विवाद की सूचना मिलते ही रात 1 बजे के लगभग 3 थानों की एफआरबी व कंपू पुलिस मौके पर पहुंच गई।

भाई का हाथ मरोड़ने पर बिफरी वधु

विवाद में दुल्हे रोहित के पिता अशोक गुरू ने वधु के भाई का हाथ पकड़ लिया। इन लोगों का आरोप था कि उसका हाथ मरोड़ दिया है। इसी पर वधु भड़क गई। उसने साफ कह दिया कि सुबह से वर की बड़ी बहन भी हस्तक्षेप कर रही है। उसे अपने जीवन में किसी की दखलंदाजी पसंद नहीं है।

नाते-रिश्तेदारों व पुलिस ने समझा-बुझाकर मामला शांत कर दिया। इसके बाद फिर बात बिगड़ गई और वधु पक्ष तड़के कंपू थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पहुंच गए। वर पक्ष का आरोप था कि इन लोगों ने पूरी बारात को बंद्यक बना लिया। लोनी तिवारी ने दुल्हे सहित अन्य रिश्तेदारों के खिलाफ दहेज एक्ट का मामला दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने बताया कि मारपीट का मामला दर्ज हो सकता है। लेकिन दहेज एक्ट काउंसलिंग के बाद ही दर्ज होगा।

दोनों पक्षों ने थाने के बाहर किया राजीनामा

कंपू थाने के टीआई महेश शर्मा ने बताया कि दोनों पक्षों ने थाने के बाहर राजीनामा कर लिया और वधु लोनी तिवारी ने लिखकर दिया है कि रात को फेरे से पूर्व रोहित गुरु व उनके परिवार से विचारों व मनभेद होने के कारण हम दोनों पक्षों ने स्वेच्छा से विवाह नहीं करना तय किया है। इसमें मेरे माता-पिता की सहमति है। मेरे परिवार द्वारा विवाह से पूर्व दी गई धनराशि, उपहार व अन्य सामान वापस ले लिए हैं। हमारा वर पक्ष से अब कोई लेना-देना शेष नहीं है। भविष्य में दोनों पक्ष एक दूसरे के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। इस सहमति पत्र पर दोनों पक्ष के लोगों के हस्ताक्षर हैं। सहमति पत्र कंपू थाने में देने के बाद बारात बगैर दुल्हन के वापस खंडवा लौट गई।

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