ऑपरेशन की तैयारी...ब्लड मंगा लिया, एस्टीमेट मांगा तो डिस्चार्ज कर दियाUpdated: Tue, 14 Nov 2017 07:51 AM (IST)

जयारोग्य अस्पताल के सर्जरी विभाग में एक मरीज के ऑपरेशन की तैयारी हो गई।

ग्वालियर। जयारोग्य अस्पताल के सर्जरी विभाग में एक मरीज के ऑपरेशन की तैयारी हो गई। मरीज के परिजन से ब्लड मंगाकर कागजी खानापूर्ति भी हो चुकी थी। इसी बीच परिजनों ने डॉक्टर से एस्टीमेट के बारे में पूछा। इतना सुनते ही डॉक्टर भड़क गए और मरीज को डिस्चार्ज कर दिया। परेशान परिजनों ने जब अधीक्षक से शिकायत दर्ज कराई तो उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए चिकित्सक को मरीज का इलाज करने के निर्देश दिए।

जयारोग्य अस्पताल के सर्जरी विभाग में भर्ती दौलतराम को करीब एक साल से पैर में तकलीफ है। इसका उपचार जेएएच के डॉ. एमएम मुदगल के पास चल रहा था। हालत अधिक खराब होने पर डॉक्टर ने पैर काटने के लिए कहा था। परिजनों ने जेएएच से सर्जरी विभाग में दौलतराम को भर्ती भी करा दिया। ऑपरेशन की डेट और समय तय होने के बाद ब्लड मंगा लिया गया।

परिजनों के पास चूंकि गरीबी रेखा का कार्ड था, इसलिए उन्हें लगा कि खर्च का एस्टीमेट बनवा लिया जाए। उनसे गलती ये हो गई कि डॉक्टर से बोल बैठे की एस्टीमेट तैयार करके दे दो, क्योंकि ऑपरेशन का खर्चा उठाने की स्थिति नहीं है। इतना सुनते ही डॉक्टर नाराज हो गए और मरीज को डिस्चार्ज करने के आदेश दे दिए। इसी बात पर परिजनों एवं चिकित्सकों के बीच बहस भी हो गई। हालांकि, बाद में जेएएच अधीक्षक डॉ. जेएस सिकरवार के निर्देश पर मरीज का उपचार शुरू कर दिया गया।

मालूम न था कि एस्टीमेट नहीं बनता

परेशान परिजनों की जब वार्ड में कोई सुनवाई नहीं हुई तो वह जेएएच के सहायक अधीक्षक डॉ. जीतेन्द्र नरवरिया के पास पहुंचे। यहां से परिजनों को जेएएच अधीक्षक के पास भेज दिया गया। परिजनों ने अधीक्षक को जब मामला बताया तो उन्होंने डॉ. मुदगल को फोन करके स्थिति की जानकारी ली। साथ ही मरीज को डिस्चार्ज करने पर नाराजगी जाहिर करते हुए तुरंत मरीज को भर्ती कर उपचार शुरू करने के निर्देश भी दिए। अधीक्षक ने परिजनों को समझाया कि आपके मरीज के लिए एस्टीमेट की जरूरत नहीं है, गरीबी रेखा के कार्ड होने के कारण उपचार निशुल्क हो जाएगा।

डॉक्टर बरतते हैं लापरवाही

शिवानी नाम की लड़की रविवार को माधव डिस्पेंसरी कैजुअल्टी में पहुंची थी। उसके हाथ में चोट लगी थी। 8 नंबर कमरे में डॉक्टर ने उसका चेकअप किया। शिवानी के हाथ में सूजन थी। एक्सरे कराकर प्लास्टर चढ़ाने की जगह उसे सोमवार को आने की कहकर लौटा दिया। सोमवार शाम को परिजन बच्ची को लेकर जीआर मेडिकल कॉलेज के पास बने एक निजी अस्पताल में पहुंचे।

डॉक्टर मुदगल से चर्चा की है। परिजनों ने उनके साथ बदतमीजी की थी। हालांकि, हमने समझा दिया है और मरीज का उपचार शुरू हो चुका है।

डॉ. जेएस सिकरवार, अधीक्षक जेएएच

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