मेधा पाटकर की धार व कुक्षी दोनों जगह सुनवाई शनिवार कोUpdated: Fri, 11 Aug 2017 08:21 PM (IST)

नबआं नेत्री मेधा पाटकर की रिहाई को लेकर दूसरे दिन शुक्रवार को एसडीएम भव्या मित्तल के समक्ष सुनवाई हुई।

धार। नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री मेधा पाटकर की रिहाई को लेकर दूसरे दिन शुक्रवार को एसडीएम भव्या मित्तल के समक्ष सुनवाई हुई। पाटकर की ओर से वकीलों ने तर्क दिया कि पीथमपुर पुलिस ने धारा 151 की कार्रवाई के लिए जो इश्तगासा पेश किया है, उसमें क्षेत्राधिकार का उल्लंघन हुआ है।

न्यायालय से मांग की गई कि इस इश्तगासे को निरस्त किया जाए। कोर्ट ने फिलहाल इससे इंकार कर दिया और अगली सुनवाई 12 अगस्त तय कर दी। वैसे एसडीएम कोर्ट ने 10 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत का आदेश किया है। इसमें अभिभाषक पाटकर से सहमति लेकर ही आगे कार्रवाई कर पाएंगे।

यह प्रक्रिया भी 12 अगस्त को ही हो पाएगी। वहीं एसडीएम ने बंधपत्र से यह शर्त हटा दी है कि मेधा पाटकर डूब क्षेत्र में नहीं जा सकेंगी। गौरतलब है कि प्रशासन ने मेधा पाटकर को हिरासत में लेते वक्त जिस बंधपत्र पर हस्ताक्षर करने का कहा था। उसमें दो प्रमुख शर्ते थीं, पहली यह कि मेधा पाटकर डूब क्षेत्र में नहीं जाएंगी और दूसरी शांतिभंग नहीं होने देंगी।

लेकिन मेधा ने डूब क्षेत्र में न जाने की शर्त पर आपत्ति लेते हुए हस्ताक्षर न कर जमानत लेने से मना कर दिया था। शुक्रवार को एसडीएम भव्या मित्तल ने बंधपत्र से यह शर्त हटा दी कि मेधा पाटकर डूब क्षेत्र में नहीं जा सकेंगी। बंधपत्र में अब केवल जिले में शांति बनाए रखने की शर्त पर ही हस्ताक्षर करना होंगे।

साथ ही गारंटी के तौर पर 10 हजार रुपए का मुचलका भरना होगा। गौरतलब है कि मेधा पाटकर को 9 अगस्त को पीथमपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। जिला जेल के बाहर एसडीएम कोर्ट लगाकर सुनवाई की गई। बाद में उन्हें जेल भेज दिया गया था। इस मामले में गुस्र्वार को भी सुनवाई में तारीख आगे बढ़ गई थी।

इसके चलते शुक्रवार को सुनवाई नियत की गई। शुक्रवार को एसडीएम कोर्ट में अपरा- 3 बजे वकीलों ने अपनी बातें रखी। उधर कुक्षी न्यायालय में शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मेधा पाटकर की जमानत अर्जी पर सुनवाई तकनीकी कारणों से नहीं हो सकी, वहां भी अगली तारीख 12 अगस्त तय की गई है। पाटकर को धार से कुक्षी लाने की खबर से बड़ी संख्या में डूब प्रभावित कुक्षी आ पहुंचे।

भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने कोर्ट परिसर के बाहर बेरिकेडिंग करना पड़ी। दोपहर 2 बजे बाद जब आंदोलन नेत्री के नहीं आने की जानकारी हुई, तो समर्थक लौट गए।

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