उसे बस नौकरी चाहिए थी, इसके लिए महिला ने अपनाया ये कैसा रास्ताUpdated: Sat, 17 Jun 2017 03:58 AM (IST)

पति की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति पाने के लिए एक महिला ने 5वीं की फर्जी मार्कशीट लगाकर आवेदन कर दिया।

देवास, नईदुनिया प्रतिनिधि। पति की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति पाने के लिए एक महिला ने 5वीं की फर्जी मार्कशीट लगाकर आवेदन कर दिया। कोर्ट में चल रहे मामले में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुरेंद्रसिंह गुर्जर ने महिला को धोखाधड़ी व कूटरचना में दोषी पाते हुए 3 साल की सजा सुनाई। मामले में वन मंडलाधिकारी ने कोतवाली थाने में शिकायत की थी। महिला ने 2004 के पूर्व आवेदन किया था।

एडीपीओ करुणा आशापुरे ने बताया कि वन विभाग में पदस्थ कुलदीप सिंह डाबर की मृत्यु सितंबर 2002 में हुई थी। इसके बाद उसकी पत्नी रेखाबाई पति स्व. कुलदीप सिंह डाबर निवासी एलआईजी मुखर्जी नगर देवास ने अपने पति की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया। इसमें तमाम दस्तावेजों के साथ शैक्षणिक योग्यता के लिए 5वीं की मार्कशीट भी लगाई थी। लेकिन वन मंडलाधिकारी ने मार्कशीट में ओवर राइटिंग होने से उसे सत्यापन के लिए जिला शिक्षा अधिकारी शाजापुर के पास पहुंचाया।

जिला शिक्षा अधिकारी ने जानकारी देते हुए उल्लेख किया कि 1980 में कार्यालय अभिलेख के अनुसार प्राथमिक विद्यालय नीमवाड़ी में रेखा बाई आत्मज गणपत राव नाम की कोई भी छात्रा परीक्षा में सम्मिलित नहीं हुई। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी शाजापुर के तत्कालीन बीईओ विवेक दुबे ने अपने बयान में स्पष्ट कहा था कि प्रावि नीमवाड़ी के अभिलेख के अनुसार रोल नंबर 202 से कला बाई पिता रामनारायण नाम की छात्रा ने प्राथमिक परीक्षा 1995 में उत्तीर्ण की थी। जिसकी जन्मतिथि 10 अप्रैल 1983 है। इस संबंध में कलाबाई ने भी कोर्ट में दिए अपने बयान में इस बात की पुष्टि की।

कलाबाई ने कोर्ट में यह भी कहा कि उसने डुप्लिकेट अंकसूची के लिए कभी आवेदन नहीं किया। वन मंडालधिकारी की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने रेखा बाई के खिलाफ भादवि की धारा 420, 467, 468 व 471 के तहत प्रकरण दर्ज कर चालान न्यायालय में पेश किया। जहां न्यायाधीश सुरेंद्रसिंह गुर्जर ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए रेखाबाई को धारा 420, 467, 468 में 3-3 साल और धारा 471 के तहत 2 साल की सजा सुनाई है। सभी सजा के साथ 500-500 रुपए का अर्थदंड भी किया है। सभी सजाएं एक साथ भुगतना होगी।

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