इस हनुमान मंदिर में सप्ताह में दो दिन होती है जनसुनवाईUpdated: Mon, 10 Apr 2017 04:08 AM (IST)

शहर के हनुमान मंदिर में प्रशासनिक अधिकारियों की तर्ज पर बाकायदा हनुमान प्रतिमा भी जनसुनवाई करती है।

छिंदवाड़ा। शहर के हनुमान मंदिर में प्रशासनिक अधिकारियों की तर्ज पर बाकायदा हनुमान प्रतिमा भी जनसुनवाई करती है। प्रशासनिक जनसुनवाई में भले ही लोगों की समस्या का हल नहीं हो,लेकिन मान्यता है कि शहर के इस मंदिर में आने वाली हर समस्या का निराकरण खुद केसरी नंदन हनुमान करते हैं। ऐसे में मंदिर में साल दर साल आवेदन भी बढ़ते जा रहे है। समस्या लेकर हर साल यहां पर 50 हजार से अधिक लोग पहुंच रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक शहर के चारफाटक में स्थित पूर्व मुखी केसरी नंदन हनुमान मंदिर में शनिवार और मंगलवार को जनसुनवाई होती है। यहां पर हनुमान प्रतिमा के सामने फरियादी को अपनी समस्या बाकायदा कागज में लिखकर रखनी होती है। मान्यता है कि नौकरी से लेकर शादी और अन्य समस्या का केसरी नंदन निदान कर देते हैं।

आवेदन के साथ नारियल की तोरण चढ़ाने का रिवाज होने से पूरा मंदिर नारियलों से ढक गया है। शनिवार और मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में लोगों की समस्या का निराकरण होने के बाद यहां पर भक्तों की तादाद भी बढ़ते जा रही है। अयोध्या के बाद देश का दूसरा पूर्व मुखी हनुमान मंदिर होने के अलावा मंदिर में प्रतिमा अग्निकुंड में स्थापित है। ऐसे में इसकी सिद्धी वैसे ही बढ़ जाती है।

रजिस्ट्रर में हाजिरी लगाते हैं भक्त

खास बात है कि शहर के केसरी नंदन हनुमान मंदिर में भक्तों के लिए हाजिरी रजिस्ट्रर भी रखा हुआ है। यहां पर आने वाले भक्त मंदिर में आने के दौरान अपनी अर्जी लगाने के बाद हाजिरी भी लगाते हैं।

शनिवार और मंगलवार को जनसुनवाई

देश में अयोध्या के बाद एक मात्र पूर्वमुखी केसरी नंदन हनुमान प्रतिमा सिद्धस्थल का रूप लेते जा रहा हैं। यहां पर हर शनिवार और मंगलवार को बाकायदा हनुमान जी जनसुनवाई करते हैं। मान्यता है कि शनिवार और मंगलवार को भक्तों के द्वारा अपनी समस्या की लिखित अर्जी यहां पर प्रतिमा के चरणों में रखी जाती है। इसके बाद समस्या का समाधान हो जाता है। इसके चलते विवाह और नौकरी के लिए यहां पर हर सप्ताह हजारों आवेदन पहुंचते है। लोगों के काम बनने से मंदिर की प्रसिद्धी भी दूर-दूर तक फैल गई है।

श्रद्धा के नारियल से पटा मंदिर

केसरी नंदन मंदिर में आने वाले भक्तों की मन्नत पूरी होने के बाद उन्हे यहां पर नारियल चढ़ाना होता है। ऐसे में यहां पर चारों ओर नारियलों का ढ़ेर लगा हुआ है। लोगों के द्वारा मंदिर के द्वार से लेकर पूरे मंदिर में नारियलों की तोरण बना दी गई है। नारियलों के ढेर के कारण इसे नारियल वाला मंदिर के नाम से जाना जाता है।

हर साल आते है 50 हजार आवेदन

खास बात है कि शहर के चारफाटक में स्थित केसरी नंदन मंदिर में हर साल 50 हजार आवेदन भक्तों के द्वारा लगाए जाते है। इन आवेदनों में भक्त विवाह करवाने,नौकरी दिलवाने और मानसिक शांति से लेकर अन्य समस्याओं को हनुमान जी के सामने रखते है। बीते साल यहां पर 50 हजार आवेदन आए थे।

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