कॉलेज डिग्रियां तो दे रहे, लेकिन रोजगार के लिए स्किल नहीं : राष्ट्रपतिUpdated: Wed, 14 Dec 2016 07:45 PM (IST)

बीते कुछ सालों से देश में निराशा का माहौल है। 130 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले देश में युवाओं के पास रोजगार की कमी है।

छिंदवाड़ा। बीते कुछ सालों से देश में निराशा का माहौल है। 130 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले देश में युवाओं के पास रोजगार की कमी है। दूसरी ओर कई सेक्टर में मेनपावर की कमी है, क्योंकि रोजगार के लिए लोगों के पास जरूरी स्किल नहीं है। देश भर में 36 हजार कॉलेज संचालित हैं, जो डिग्रियां तो बांट रहे हैं, लेकिन उन डिग्रियों से युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा। ऐसे में युवाओं को स्किल की ट्रेनिंग देने की जरूरत है।

यह बात राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को सीआईआई (भारतीय उद्योग परिसंघ) के वार्षिक कार्यक्रम में कही। राष्ट्रपति ने कहा कि देश की 50 फीसदी से अधिक लोगों की उम्र 30 वर्ष से कम है। 15 से 60 वर्ष की उम्र के 60 फीसदी से अधिक लोग हैं। जापान और नार्थ अमेरिका की तुलना में भारतीयों की औसत आयु कम है। लिहाजा युवा देश एक आशा भी जगाता है, आज के दौर में बेरोजगारी के कारण सारी दुनिया में कमोबेश यही स्थिति है।

उन्होंने कहा कि युवाओं के पास मौके नहीं हैं, उन्हेें अपनी क्षमता दिखाने का मौका नहीं मिल रहा। इस कारण अवसाद की स्थिति बन रही है। लेकिन भारत इस स्थिति से उबर सकता है। 6 साल पहले इस दिशा में केंद्र सरकार ने सोचा था। सन् 2010 में इस पर काम भी शुरू हुआ। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस बारे में सोचना शुरू किया। देश के प्रधानमंत्री मोदी ने 2030 तक सौ मिलियन युवाओं को स्किल्ड बनाने का लक्ष्य रखा है।

राज्यपाल ओपी कोहली ने कहा- मप्र तेजी से बढ़ता राज्य है। यहां जीडीपी तेजी से बढ़ रही है। प्रति व्यक्ति आय 15 हजार से ज्यादा है। उन्होंने औद्योगिक विकास व रोजगार के लिए कौशल उन्नायन को आवश्यक बताते हुए कहा कि इस दिशा में प्रदेश में सीआईआई. व उद्योग जगत पर ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है, जिससे मप्र में निवेश करने में रूचि दिखाई दे रही है। स्थानीय सांसद कमलनाथ ने कहा कि केंद्र सरकार भले ही अभी स्किल डवलपमेंट पर जोर दे रही हो, लेकिन छिंदवाड़ा में यह प्रयास दस साल पहले ही शुरू हो गए थे। देश में सबसे ज्यादा स्किल डवलपमेंट सेंटर छिंदवाड़ा जिले में ही हैं।

राष्ट्रपति मुखर्जी 4 घंटे 45 मिनट तक छिंदवाड़ा में रहे। सीआईआई के कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति ने सिमरिया हनुमान मंदिर पर दर्शन किए। इसके बाद अशोक लीलेंड के ड्राइविंग इंस्टीट्यूट और अप्रेजल एंड डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट का दौरा भी किया। राष्ट्रपति ने दोपहर का लंच कमलनाथ के निवास शिकारपुर में लिया। यहां वे करीब एक घंटे तक रहे। इससे पहले प्रणब मुखर्जी निर्धारित कार्यक्रम के तहत दोपहर एक बजे इमलीखेड़ा स्थित हवाई पट्टी पहुंचे। जहां प्रदेश के राज्यपाल ओपी कोहली और कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने आगवानी की। इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद कमलनाथ भी मौजूद रहे।

राष्ट्रपति के सामने कमलनाथ और प्रभारी मंत्री स्किल सेेंटर के श्रेय को लेकर आए आमने-सामने

कमलनाथ बोले- मेरे प्रयास से यहां 10 साल पहले ही स्किल डवलपमेंट पर काम शुरू

प्रभारी मंत्री बोले- स्किल सेंटर में केंद्र सरकार के साथ प्रदेश सरकार का बहुत योगदान

राष्ट्रपति की मौजूदगी में आयोजित सीआआई के कार्यक्रम में भी कांग्रेस और बीजेपी की सियासत गरमा गई। सांसद कमलनाथ ने अपने भाषण में कहा- केंद्र सरकार भले हाल में स्किल डवलपमेंट पर जोर दे रही हो, लेकिन मेरे प्रयास से छिंदवाड़ा जिले में दस साल पहले ही कौशल उन्न्यन पर काम शुरू हो गया था। आज जिले में 4 स्किल सेंटर संचालित हो रहे हैं। इसमें एफडीडीआई, अंबुजा और एनआइआईटी के दो स्किल सेंटर शामिल हैं।

इसके बाद जब प्रभारी मंत्री गौरीशंकर बिसेन को मंच पर बोलने का मौका मिला तो उन्होंने इसका पलटवार करते हुए कहा- स्किल सेंटर खुलने में तत्कालीन केंद्र सरकार के अलावा प्रदेश सरकार का भी बहुत योगदान है। बिसेन के भाषण के दौरान सांसद कमलनाथ समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। हालांकि बाद में कार्यक्रम की गरिमा को याद दिलाते हुए स्थिति को संभाला गया।

देश में सबसे ज्यादा स्किल डवलपमेंट सेंटर छिंदवाड़ा में ही

कार्यक्रम में सांसद कमलनाथ ने कहा- राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मेरे 40 साल पुराने संबंध हैं। मुझे ये कहने में संकोच नहीं है कि वो राजनीतिक ही नहीं व्यक्तिगत तौर पर भी मेरे मेंटर हैं। यही नहीं राष्ट्रपति ने भी मंच पर सांसद कमलनाथ को अपना मित्र बताया। उन्होंने कहा कि 65 की उम्र में भी वो 30 वर्ष के युवा की तरह काम कर रहे हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि इस बार अंग्रेजी में भाषण दिया है, इसका मुझे खेद है। अगली बार जब आऊंगा तो जरूर हिंदी में भाषण दूंगा। इस दौरान सांसद ने याद दिलाया कि राष्ट्रपति का ये चौथा दौरा है। इससे पहले उन्होंने 1983 में छिंदवाड़ा- सिवनी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक का उद्धाटन किया था। मंत्री रहते हुए 1998 में भी वो बंगाली समाज के कार्यक्रम में आए थे। इसके अलावा 2010 में वित्त मंत्री के तौर पर भी वो जिले का दौरा कर गए थे। उन्होंने कहा कि देश का एकमात्र छिंदवाडा ही जिला ऐसा है, जहां सबसे ज्यादा कौशल विकास केन्द्र हैं। इन सेंटर पर करीब 55 हजार छात्रों को ट्रेनिंग दी गई।

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