दो मेडिकल कॉलेजों ने बिना मेरिट वाले 33 छात्रों को दिए दाखिलेUpdated: Tue, 12 Sep 2017 11:16 PM (IST)

एमबीबीएस में दाखिले के लिए हुई कॉलेज लेवल काउंसलिंग में गड़बड़ी का खुलासा हुआ है।

भोपाल। एमबीबीएस में दाखिले के लिए हुई कॉलेज लेवल काउंसलिंग में गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। दो निजी मेडिकल कॉलेजों ने मेरिट छोड़ अपनी मर्जी से 33 छात्रों को दाखिला दे दिया है। इन कॉलेजों ने चिकित्सा शिक्षा संचालनालय को दाखिल छात्रों की सूची सौंपी तो यह खुलासा हुआ। देवास के अमलतास मेडिकल कॉलेज में 15 और इंदौर के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में 18 एडमिशन गलत तरीके से किए गए हैं। अब इन छात्रों के दाखिले निरस्त हो सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार एमबीबीएस की खाली सीटों को आखिर में कॉलेज लेवल काउंसलिंग (माप-अप राउंड) से भरा जाना था। एमबीबीएस की 94 सीटें इसके जरिए भरी जानी थी। इन सीटों के लिए संचालनालय ने मेरिट लिस्ट एमपी ऑन लाइन के पोर्टल पर जारी की थी।

कॉलेजों को भी यह सूची दी गई थी। में इसमें करीब 2800 उम्मीदवारों के नाम थे। सुप्रीम कोर्ट व डीएमई से कॉलेजों को साफ निर्देश थे कि इसी सूची से मेरिट के आधार पर उम्मीदवारों को दाखिला देना है। ज्यादा अंक वाला उम्मीदवार होने पर कम वाले को दाखिला नहीं दिया जा सकता था।

दोनों कॉलेजों ने डीएमई द्वारा दी गई सूची की चगह अपनी मर्जी से उम्मीदवार भर लिए। इन छात्रों के अंक भी काफी कम हैं, जबकि डीएमई की मेरिट लिस्ट में न्यूनतम अंक 422 था। कॉलेजों द्वारा भेजी गई सूची का मिलान डीएमई ने अपनी मेरिट से किया तो यह गड़बड़ी सामने आई।

अब यह हो सकता है

- सभी 33 छात्रों के दाखिले निरस्त हो सकते हैं।

- दोनों कॉलेजों पर एमसीआई, एडमिशन एंड फीस रेगुलेटरी कमेटी की ओर से कार्रवाई की जा सकती है। इसमें पेनाल्टी व मान्यता निरस्त करने का निर्णय भी हो सकता है।

- एडमिशन निरस्त होने के बाद खाली सीटों पर वैध छात्रों के दाखिले के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति ली जा सकती है।

बीडीएस में दाखिले के लिए माप-अप राउंड तीन दिन बढ़ा

प्रदेश के निजी डेंटल कॉलेजों में खाली सीटों पर दाखिले के लिए कॉलेज लेवल काउंसलिंग तीन दिन और होगी। एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट डेंटल एंड मेडिकल कॉलेजेस (एपीडीएमसी) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने समय बढ़ाया है। 13 से 15 सितंबर के बीच फिर से माप-अप राउंड किया जाएगा। इसके पहले माप-अप राउंड 10 सितंबर की रात 12 बजे खत्म हो गया था। इस राउंड के बाद बीडीएस करीब 450 सीटें खाली रह गई हैं।

इनका कहना है

कॉलेजों से मिली सूची का मिलान किया जा रहा है। इसमें जो गड़बड़ी मिली तो संबंधित कॉलेजों पर कार्रवाई की जाएगी। गौरी सिंह प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा

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