नहीं पहुंच रहे एडमिशन लेने, बढ़ेगी तारीखUpdated: Thu, 08 Sep 2016 08:21 PM (IST)

प्रदेश के निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में दाखिले के लिए काउंसलिंग के बाद उम्मीदवार उलझन में हैं।

भोपाल। ब्यूरो। प्रदेश के निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में दाखिले के लिए काउंसलिंग के बाद उम्मीदवार उलझन में हैं। संचालनालय चिकित्सा शिक्षा (डीएमई) में उम्मीदवार पहुंचकर पूछ रहे हैं कि सरकार की काउंसलिंग से एडमिशन लेने पर निजी कॉलेज उन्हें जॉइन कराने से मना तो नहीं कर देंगे। निजी कॉलेजों द्वारा अपनी सीटें भरने के लिए खुद काउंसलिंग शुरू करने से असमंजस से पैदा हुआ है।

गजट नोटिफिकेशन के बाद सरकार ने निजी कॉलेजों की सीटें भरने की काउंसलिंग शुरू की थी। निजी कॉलेजों ने भी अपनी सीटें सरकार को दे दी थीं। इसके बाद निजी कॉलेजों ने अपनी सीटें खुद भरना शुरू कर दी। उन्होंने विज्ञापन जारी कर कहा कि सरकार की काउंसलिंग से आने वाले उम्मीदवारों को वे जॉइन नहीं कराएंगे।

एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट डेंटल एंड मेडिकल कॉलेजेस (एपीडीएमसी) का दावा है कि उनकी काउंसलिंग के लिए 3 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों ने पंजीयन कराए हैं। ऐसे में उम्मीदवार सबसे ज्यादा पसोपेश में हैं। संयुक्त संचालक डॉ. शशि गांधी ने बताया कि हर दिन करीब 10 उम्मीदवारों के फोन आ रहे हैं।

कुछ खुद भी परिजन के साथ आ रहे हैं। उन्हें यही समझाया जा रहा है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट व भारत सरकार के निर्देशों के मुताबिक नियम से काउंसलिंग करा रही है। इसलिए एडमिशन लेने वाले उम्मीदवारों को कोई अड़चन नहीं आएगी। इसी असमंजस के चलते एडमिशन की आखिरी तारीख (8 सितंबर) तक करीब 20 फीसदी आवंटित सीटें खाली थीं।

लिहाजा संचालनालय चिकित्सा शिक्षा ने स्क्रुटनी और एडमिशन की तारीख दो दिन और बढ़ाने का निर्णय लिया है। जीएमसी भोपाल की एमबीबीएस की 90 सीटें भर गई हैं। एपीडीएमसी व एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट यूनिवर्सिटीज (एपीयू) द्वारा खुद की काउंसलिंग शुरू करने पर सरकार ने इनके खिलाफ बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है।

इसके बाद कुछ कॉलेजों ने कहा है कि वे एपीडीएमसी के सदस्य नहीं हैं, इसलिए उन्हें अवमानना से अलग रखा जाए। सूत्रों ने बताया कि इंदौर के कुछ डेंटल कॉलेज सरकार द्वारा प्रवेशित उम्मीदवारों को जॉइन भी करा रहे हैं। उधर, एपीडीएमसी ने पब्लिक नोटिस जारी कर कहा है कि मामला हाई कोर्ट में है इसलिए उम्मीदवारों को जॉइनिंग के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।

संबंधित खबरें

जरूर पढ़ें

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.