एक दिन की चूक और नौ दिन की अच्छाई भूल जाते हैं लोग-डीजीपीUpdated: Wed, 19 Oct 2016 11:27 PM (IST)

क दिन 21 अक्टूबर को अगर आप पुलिस के प्रति कृतज्ञता जाहिर करते हैं तो हम लोगों के आभारी रहेंगे।

भोपाल। भले ही आप साल में 364 दिन पुलिस को कोसते रहिए, लेकिन एक दिन 21 अक्टूबर को अगर आप पुलिस के प्रति कृतज्ञता जाहिर करते हैं तो हम लोगों के आभारी रहेंगे।

यह बात डीजीपी ऋषि शुक्ला ने बुधवार को मीडिया से चर्चा के दौरान कही। डीजीपी ने कहा कि वे मानते हैं कि पुलिस में कुछ खामियां हैं, इसी वजह से पिछले साल ही 200 से ज्यादा पुलिसवालों को टर्मिनेट तक कर दिया गया।अगर दस दिन में से 9 दिन पुलिस लाजवाब काम करती है और एक दिन चूक हो जाती है तो लोग 9 दिन का अच्छा काम भुला देते हैं। मालूम हो कि 21 अक्टूबर को पुलिस शहीद दिवस है जिसे लेकर डीजीपी ने उस दिन पुलिसकर्मियों के प्रति आम लोगों से कृतज्ञता जाहिर करने की बात कही है।

'हड़ताल और दंगे कौन कराता है, सब जानते हैं'

एक तरफ जहां डीजीपी ने बातो बातों में अपना दर्द जाहिर किया तो वहीं झाबुआ मामले में हटाए गए एसडीओपी राकेश व्यास ने भी फेसबुक पर दो पोस्ट की। हालांकि उन्होंने सीधे कुछ नहीं लिखा पर बातों ही बातों में अपनी पीड़ा भी जता दी। पोस्ट के बाद विवाद बढ़ा तो उन्होंने उसे हटा दिया।

अपनी पहली पोस्ट में उन्होंने लिखा 'परवाह नहीं जमाने की चाहे जितना खिलाफ हो, चलूंगा उसी राह पर जो सीधी और साफ हो", तो वहीं दूसरी पोस्ट में व्यास ने पुलिस और नेताओं की स्थिति पर तंज करते हुए लिखा 'सब जानते हैं कि दंगे कौन कराते हैं, हड़ताल कौन कराते हैं, उत्पात कौन कराते हैं, बाजार कौन जलाते हैं। समझा जा रहा है ये संदेश उन पर की गई कार्रवाई की प्रतिक्रिया है, लेकिन व्यास ने इस बात से इंकार किया है।

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