मंत्रियों ने कहा-नेता प्रतिपक्ष के बयान से विधायक भयभीतUpdated: Sun, 16 Jul 2017 08:28 PM (IST)

विधानसभा के मानसून सत्र के एक दिन पहले रविवार को दिनभर भाजपा-कांग्रेस और विधानसभा में राजनीतिक सरगर्मी रही।

भोपाल। विधानसभा के मानसून सत्र के एक दिन पहले रविवार को दिनभर भाजपा-कांग्रेस और विधानसभा में राजनीतिक सरगर्मी रही। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के शनिवार को दिए एक बयान पर सरकार के तीन मंत्रियों डॉ. गौरीशंकर शेजवार, उमाशंकर गुप्ता और विश्वास सारंग ने विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात की। उन्होंने सभी विधायकों में शंका और भय का वातावरण निर्मित होने के कारण सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।

दरअसल, नेता प्रतिपक्ष ने मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के सदन में प्रवेश को लेकर बयान दिया था कि मप्र विधानसभा में ऐसी अप्रिय स्थिति बना देंगे, जो पहले कभी नहीं हुई है।

इसे लेकर सरकार के मंत्री विस अध्यक्ष से मिले थे। हालांकि स्पीकर ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि विपक्ष से कोई खतरा नहीं है। यह सामान्य प्रक्रिया है और यह उनका अधिकार है। उन्होंने कहा कि यूपी विधानसभा की घटना को देखते हुए हम परिसर की सुरक्षा व्यवस्था सख्त और चाक-चौबंद कर रहे हैं।

आमने-सामने: सरकार के मंत्रियों ने स्पीकर को सौंपे बयान पर नेता प्रतिपक्ष के जवाब

मंत्रीगण: नेता प्रतिपक्ष ने 'मध्यप्रदेश विधानसभा में ऐसी अप्रिय स्थिति बना देंगे जो पहले कभी नहीं हुई है", बयान देकर किसी भी हद तक जाने की धमकी दी।

नेता प्रतिपक्ष: मैंने ऐसा बयान हीं दिया, बल्कि यह कहा था कि अयोग्य विधायक के सदन में प्रवेश से ऐसी संवैधानिक अप्रिय स्थिति न बन जाए, जो प्रदेश में कभी बनी हो।

मंत्रीगण: बयान से सभी विधायकों में शंका और भय व्याप्त का माहौल व्याप्त है।

नेता प्रतिपक्ष: प्रदेश में दहशत का माहौल है। किसान से लेकर आम आदमी, कर्मचारी-अधिकारी और अब भाजपा के विधायक भी भयभीत हैं। मंत्री सारंग से तो सभी विधायक-महापौर तक भयभीत हैं। मेरे बयान से इतनी दहशत इन मंत्रियों में है जिनकी दहशत अपने क्षेत्र में जग जाहिर है।

मंत्रीगण: भय के वातावरण को दूर करने के लिए नेता प्रतिपक्ष से बात कर उनके बयान के मायने पूछे जाएं।

नेता प्रतिपक्ष: स्पीकर का फोन आया था और उन्होंने मुझे उक्त बयान को लेकर बात की। मैंने उन्हें स्पष्ट किया है कि मेरा बयान अयोग्य विधायक के सदन में प्रवेश पर संवैधानिक अप्रिय स्थिति का था, न कि विधानसभा में प्रिय स्थिति बना देने का।

मंत्रीगण: सर्वदलीय बैठक बुलाकर सभी दलों के विधायकों में व्याप्त भय के वातावरण को दूर करने का प्रयास हो।

नेता प्रतिपक्ष: मेरे पास अभी तक सर्वदलीय बैठक बुलाए जाने की सूचना नहीं आई है।

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