'शिवराज के सिपाही' ग्रुप पर भेजा जा रहा संदेश, 'मेधा का वजन कम नहीं होता'Updated: Sat, 05 Aug 2017 10:11 PM (IST)

मुख्यमंत्री ने कहा था कि उन्हें मेधा पाटकर और अनशन कर रहे अन्य लोगों के स्वास्थ्य की चिंता है।

भोपाल। सरदार सरोवर बांध के डूब प्रभावितों के लिए अनशन कर रही सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर का सोशल मीडिया पर मजाक उड़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए बनाए गए 'शिवराज के सिपाहियों" के वॉट्सएप ग्रुप पर मेधा पाटकर के अनशन से जुड़ा एक संदेश भेजा रहा है।

संदेश में कहा जा रहा है कि पूरी दुनिया में सिर्फ मेधा पाटकर ही हैं, जो चाहे जितना अनशन करें, उनका शरीर चुस्त रहता है और वजन भी नहीं घटता। दूसरी तरफ, एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर मेधा पाटकर से अनशन तोड़ने की अपील की थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि उन्हें मेधा पाटकर और अनशन कर रहे अन्य लोगों के स्वास्थ्य की चिंता है।

गौरतलब है कि भाजपा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए शिवराज के सिपाही बनाए जा रहे हैं। इसके जरिए पार्टी सरकार के खिलाफ बोलने वाले लोगों का काउंटर करती है। शिवराज के सिपाही बने कई कार्यकर्ता इससे जुड़े हुए हैं।

आईएएस अफसर रंजीत सिंह के हवाले से कहा जा रहा है कि मेधा पाटकर का यह कैसा अनशन है, जिसमें उनकी सेहत ही नहीं गिरती। इसका खुलासा खुद मेधा ही कर सकती हैं।

ये है संदेश

- क्या आप जानते हैं पूरी दुनिया में सिर्फ मेधा पाटकर ही हैं, जो चाहे जितना अनशन करें, उनका शरीर चुस्त रहता है और वजन भी नहीं घटता।

- हमें यह भरोसा तब हुआ, जब दिग्विजय सिंह की सरकार में तैनात आईएएस अफसर रंजीत सिंह की किताब पढ़ी।

- दिग्विजय और मेधा पुराने साथी हैं और एक-दूसरे की मदद करते रहे हैं।

- दिग्विजय ने अपने शासनकाल में मेधा को हाईलाइन करने के लिए भोपाल के न्यू मार्केट में अनशन करने की अनुमति दे डाली थी।

- पूर्व आईएएस रंजीत सिंह की किताब के मुताबिक मेधा ने भी समर्थकों की संख्या से ज्यादा बड़ा पंडाल लगाकर अनशन शुरू कर दिया।

- रंजीत सिंह ने स्वास्थ्य विभाग से मेधा की जांच के लिए कहा और नियमित जांच होने लगी। मेधा की सेहत पर अनशन का फर्क नहीं पड़ा। उनकी रिपोर्ट स्वस्थ्य व्यक्ति जैसी आती रही।

- ये कैसे संभव हुआ, ये आप बेहतर सकते हैं या मेधा ही खुद खुलासा कर सकती है, या ऊपर वाला ही ये रहस्य समझ सकता है।

सरकार नहीं कर रही ऐसा प्रचार

'शिवराज के सिपाही" ग्रुप पर किसी व्यक्ति ने यह संदेश भेजा है। यह संदेश कई वॉट्सएप ग्रुप पर चल रहा है। सरकार इस तरह का प्रचार नहीं कर रही है।

एसके मिश्रा, प्रमुख सचिव, जनसंपर्क


जब पूर्ण पुनर्वास हो गया है तो सीएम खुद मेधा पाटकर, डूब प्रभावितों से सीधे बात करें: कमलनाथ

सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से कहा है कि वे सरदार सरोवर बांध के डूब प्रभावित लोग और अनशन कर रहीं मेधा पाटकर से सीधे बात करें। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री दावा कर रहे हैं कि सरदार सरोवर डूब प्रभावितों का बेहतर पुनर्वास व मुआवजे का कार्य पूर्ण हो चुका है तो फिर उन्हें खुद मौके पर जाकर पाटकर व डूब प्रभावितों से बात करना चाहिए। उन्हें कार्य दिखाकर उनका अनशन समाप्त कराना चाहिए।

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