घर के मुखिया की तरह पुलिस ऑफिसर को जिले की पहचान होना चाहिए : डीजीपीUpdated: Thu, 05 Oct 2017 10:22 PM (IST)

डीजीपी ऋषिकुमार शुक्ला का कहना है कि मध्यप्रदेश का आईपीएस कैडर देश के सर्वश्रेष्ठ कैडर में से एक है।

भोपाल। डीजीपी ऋषिकुमार शुक्ला का कहना है कि मध्यप्रदेश का आईपीएस कैडर देश के सर्वश्रेष्ठ कैडर में से एक है। वे पुलिस मुख्यालय में भारतीय पुलिस सेवा के युवा अधिकारियों की नेतृत्व विकास विषय पर आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि अधिकारियों को प्रो-एक्टिव होकर काम करना चाहिए, क्योंकि टीम द्वारा किए गए कार्य और नहीं किए गए कार्य, दोनों की जिम्मेदारी टीम लीडर की ही होती है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार घर के सदस्यों के बारे में मुखिया को मालूम होता है। उसी तरह ऑफिसर्स को अपने जिले की पहचान होनी चाहिए।

डीजीपी ने कहा कि पुलिस ऑफिसर्स को संवाद के जरिए कई जानकारियां प्राप्त होती हैं, इसलिए नागरिकों और अपनी टीम से संवाद स्थापित रखें। संवाद में आपकी बॉडी-लेंग्वेज का भी महत्वपूर्ण रोल होता है। पुलिस अधिकारी को पुलिस के नियम-कायदों का ज्ञान होना भी आवश्यक है।

मानव अधिकार आयोग के सदस्य सरबजीत सिंह ने कहा पुलिस ऑफिसर्स को विपरीत परिस्थितियों में भी हमेशा अपना कर्त्तव्य निभाना चाहिए। पुलिस ऑफिसर्स की शब्दावली सधी हुई होना चाहिए और अधिकारियों को हमेशा चौकस रहना चाहिए। एडीजी इंटेलीजेंस राजीव टंडन ने कहा कि पुलिस बल को संयम से काम करना चाहिए। जबकि पुलिस अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे लोगों की मांग को जिला कलेक्टर के संज्ञान में अवश्य लाएं। हरेक घटना, प्रदर्शन और आंदोलन को गंभीरता से लें।

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