पुलिस का चेहरा और व्यवहार कैसे बदले डीजीपी कराएंगे रिसर्चUpdated: Sat, 02 Jul 2016 11:36 PM (IST)

यह जानकारी खुद डीजीपी ऋषि शुक्ला ने शनिवार को नईदुनिया से विशेष चर्चा में दी।

भोपाल, अमित देशमुख। मध्यप्रदेश पुलिस की एक लाख 20 हजार कर्मचारियों की टीम के हर सदस्य से उम्मीद के अनुरूप काम कराने से पहले नए डीजीपी पता कराएंगे कि उनकी दिक्कतें क्या हैं और वे कैसे दूर होंगी?

यह जानकारी खुद डीजीपी ऋषि शुक्ला ने शनिवार को नईदुनिया से विशेष चर्चा में दी। वह कहते हैं कि पूरे देश में प्रशंसा पाने वाली टीम उनके पास है, फिर भी इसमें जो कमियां रह गईं हैं उसे दूर करेंगे। उन्होंने दोहराया कि हम उस स्तर पर काम करना चाहते हैं कि हर आरक्षक कहे कि ये मेरा काम है कि यहां अपराध ना हो। पुलिस विभाग में शुरू होने वाली यह रिसर्च उसी दिशा में एक प्रमुख कदम है। डीजीपी से हुई बातचीत के अंश -

किस तरह की रिसर्च होगी?

- ये कुछ दिनों में होने वाला काम नहीं है। हमने (बतौर डीजी पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन) अच्छे मकान बनाए, तो पाया कि उनमें रहने वाले पुलिसकर्मियों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आया। काम के लिए बेहतर माहौल जरूरी है। माहौल अभी भी है, पर ऐसी बातों पर भी गौर करेंगे, जिससे पुलिसकर्मियों का परफॉमेंस ज्यादा बेहतर हो।

पहले भी प्रयास हुए, पर अपराध लगातार बढ़े हैं?

-अपराधों की प्रवृत्ति रोकना पुलिस अकेले की बस की बात नहीं है। अपराधों को रोकने के लिए पूरा सिस्टम काम करता है। अपराधों के नए-नए तरीके भी सामने आ रहे है। हमारे राज्य में पुलिस अधिक रिस्पांसिबल है हम जल्दी जनता की शिकायत पर कार्रवाई करते है। अपराधों की संख्या आकड़ों के हिसाब से ज्यादा जरूर नजर आती है। हिसंक अपराध मध्यप्रदेश में कम है।

किस तरह की चुनौतियां महसूस करते है?

- मेरी 33 वर्ष की नौकरी में अपराध का एक भी ऐसा मामला नहीं आया जो एक-दूसरे से मिलता हो। ये हमारे लिए चुनौती रहती है। पिछले कुछ सालों में राज्य शासन ने विभिन्ना संसाधन और आधुनिक तकनीक पुलिस विभाग को दिए हैं। यह अपने आप में नई अपेक्षाएं और चुनौतियां लाती हंै। हम इस बात पर संतुष्ट होकर नहीं बैठ सकते कि कल अच्छा काम हुआ था।

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