राजधानी के इस बड़े अस्पताल में आधा घंटे तक मौत से लड़ते रहे मरीजUpdated: Wed, 15 Nov 2017 04:09 AM (IST)

हमीदिया अस्पताल में फिर एक बड़ी लापरवाही सामने आई है।

भोपाल। हमीदिया अस्पताल में फिर एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां मेडिकल आईसीयू की सोमवार शाम को बिजली गुल होने की वजह से चार वेंटीलेटर बैटरी बैकअप नहीं होने की वजह से बंद हो गए। वहीं यूनिट में हाथ से सांस देने के लिए पर्याप्त एंबू बैग भी नहीं थे। इससे कुछ मरीजों की हालत गंभीर हो गई। बाद में इन्हीं में से दो मरीजों की 14 घंटे के भीतर मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीज पहले से गंभीर थे इलाज के दौरान मौत हुई है। बिजली जाने से किसी की मौत नहीं हुई।

हमीदिया के मेडिकल आईसीयू की सोमवार शाम साढ़े 5 से 6 बजे के बीच बिजली गुल हो गई। इस दौरान वार्ड में 8 मरीज वेंटिलेटर पर थे। इनमें से चार वेंटिलेटरों के बंद हो जाने से मरीजों को ऑक्सीजन सप्लाई भी बंद हो गई। वार्ड में मौजूद जूनियर डॉक्टर व नर्सों ने एंबू बैग से मरीजों को ऑक्सीजन देने की कोशिश की, लेकिन बैग कम पड़ गए।

इससे इससे मरीजों की हालत बिगड़ने लगी और परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ देन बाद बिजली आने पर वेंटिलेटरों ने फिर काम करना शुरू कर दिया। हमीदिया की प्रवक्ता अमृता बाजपेयी का कहना है कि बिजली सिर्फ पांच मिनट के लिए गुल हुई थी। जिन दो मरीजों की मौत हुई है वे पहले से गंभीर थे।

ऐसे काम करता है एंबू बैग

यह गुब्बारे की तरह होता है। वेंटिलेटर या ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं होने पर इस उपकरण को मरीज के नाक व मुंह में लगाकर ऑक्सीजन दी जाती है।

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