रिटायर होने के पहले एडीजी बन जाएंगे आईजी रेल एके सिंहUpdated: Thu, 20 Apr 2017 09:20 PM (IST)

भारतीय पुलिस सेवा के 1992 बैच के छह अफसरों को इस सप्ताह एडीजी बनाया जा सकता है।

भोपाल। भारतीय पुलिस सेवा के 1992 बैच के छह अफसरों को इस सप्ताह एडीजी बनाया जा सकता है। इस बैच के एके सिंह, मनीष शंकर शर्मा, पवन श्रीवास्तव, जी. जर्नादन, डीसी सागर और आरपी श्रीवास्तव को अब पदोन्नति दी जाएगी।

इससे पहले दिसंबर 2016 में इस बैच के राजेश गुप्ता, पंकज श्रीवास्तव, आदर्श कटियार और डी. श्रीनिवास राव को पदोन्नाति मिल चुकी है, जिसके बाद वे आईजी से एडीजी हो गए हैं। बताया जा रहा है कि पदोन्नति का सबसे ज्यादा फायदा आईजी रेल एके सिंह को होगा, जो 31 जुलाई को रिटायर होने वाले हैं। अब वे रिटायरमेंट के पहले एडीजी बन जाएंगे।

मालूम हो कि डीपीसी तो सभी दस अफसरों की हो गई थी पर उस वक्त चार अधिकारियों को ही पदोन्नाति का लाभ मिला था। वहीं छह को पद न होने के चलते वेटिंग पर रखा गया था। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने गृह विभाग को एडीजी के पद बढ़ाने की प्रस्ताव भेजा। जहां से इसे केंद्र भेजा गया, लेकिन इस पर कोई विचार नहीं हुआ। सूत्र बताते हैं कि इसके बाद दो बार और प्रस्ताव भेजे गए।

इसमें बताया गया कि मप्र में आईजी रैंक पर अधिकारी कम हैं और एडीजी को ही रैंज में आईजी का प्रभार सौंपा जा रहा है। इसके बाद केंद्र ने राज्य शासन का प्रस्ताव मंजूर करते हुए मप्र में एडीजी के आठ पदों पर पदोन्नति दिए जाने की स्वीकृति दे दी। एडीजी के 10 नए पद स्वीकृत होने के साथ ही प्रदेश में अब एडीजी की संख्या 60 हो जाएगी।

बालाघाट एडीजी बनाए जा सकते हैं जर्नादन

सूत्रों की मानें तो एडीजी की बढ़ती संख्या और काम न होने के चलते रेंज में आईजी के ऊपर एडीजी बैठाने का चलन शुरू हुआ है। इंदौर व उज्जैन में पहले से ही एडीजी थे, वहीं दिसंबर में पदोन्नत हुए डी. श्रीनिवास राव को जबलपुर रेंज का एडीजी बनाया गया।

अब जी. जर्नादन को बालाघाट रेंज में एडीजी बनाए जाने की बात कही जा रही है। पवन श्रीवास्तव जहां केंद्र में जाने वाले हैं तो वहीं 1990 बैच के अधिकारी के. वाइफे केंद्र से वापस आ रहे हैं। उन्हें भी एडीजी बनाकर पदस्थ किया जाना है। डीसी सागर को भी रेंज में एडीजी बनाकर भेजा जा सकता है, वहीं मनीष शंकर शर्मा और आरपी श्रीवास्तव को लेकर क्या फैसला किया जाता है यह देखना होगा।

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