रिटायर्ड शिक्षक के दोनों हत्यारों को उम्रकैद की सजाUpdated: Fri, 19 May 2017 03:57 AM (IST)

रिटायर्ड शिक्षक की उन्हीं के घर में कुल्हाड़ी और हथौड़ी से हत्या कर दी थी।

भिंड। जिला न्यायालय के विशेष न्यायाधीश डकैती डॉ. कुलदीप जैन ने रिटायर्ड शिक्षक की हत्या के 16वें महीने में गुरुवार को 2 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। आरोपियों ने 1-2 फरवरी 2016 की दरमियानी रात लहार रोड स्थित तोमर पेट्रोल पंप के पीछे घर में अकेले रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक की उन्हीं के घर में कुल्हाड़ी और हथौड़ी से हत्या कर दी थी।

वारदात के बाद बुजुर्ग के पास से दोनों आरोपी 6 हजार रुपए नकद व मोबाइल लूट ले गए थे। लूटे गए मोबाइल को ट्रेस कर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जज ने आरोपियों को कोर्ट में बुलाकर सजा सुनाई। इसके बाद पुलिस ने तत्काल दोनों आरोपियों को हथकड़ी लगा दी।

अंधा कत्ल था, पुलिस ने ऐसे पकड़े आरोपी :

जिला अभियोजन अधिकारी प्रवीण दीक्षित ने बताया 1-2 फरवरी 2016 की दरमियानी रात लहार रोड तोमर पेट्रोल पंप के पीछे घर में अकेले रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक वीरेंद्र राजावत (35) पुत्र तेज सिंह राजावत की कुल्हाड़ी और हथौड़ी से वार कर हत्या कर दी थी। राजावत के पास से हत्यारे 6 हजार रुपए और मोबाइल लूट ले गए थे।

आरोपियों ने लूटे गए मोबाइल को बीटीआई रोड निवासी राजा उर्फ शिवकुमार को 800 रुपए में बेच दिया था। राजा ने अपनी सिम डालकर मोबाइल चालू किया तो लोकेशन ट्रेस कर पुलिस राजा के पास पहुंच गई। पूछताछ में राजा ने पुलिस को बताया उसने कौशल (23) पुत्र प्रभुदयाल शाक्य निवासी शांति नगर बीटीआई रोड से 800 रुपए में मोबाइल खरीदा है।

पुलिस ने 5 फरवरी को कौशल को पकड़ा। कौशल ने कबूल किया उसने साथी विकास (19) पुत्र बृजेंद्र सिंह राजावत निवासी शांति नगर बीटीआई रोड के साथ मिलकर रिटायर्ड शिक्षक की हत्या की है। इसके बाद पुलिस ने विकास को भी गिरफ्तार कर लिया था।

353 दिन में 14 ने गवाहों दिए बयानः

जिला अभियोजन अधिकारी प्रवीण दीक्षित ने बताया पुलिस ने रिटायर्ड शिक्षक हत्याकांड में आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद 30 मई 2016 को कोर्ट में चालान पेश किया था। चालान पेश होने के बाद केस में सुनवाई शुरू हुई।

सुनवाई के दौरान कोर्ट में अभियोजन की ओर से 14 गवाहों के बयान कराए गए, जिनमें मृतक के बेटे, रिश्तेदार, लूट का मोबाइल खरीदार राजा और डॉक्टर व पुलिस अधिकारी शामिल रहे। सभी गवाहों के बयान के बाद आरोपियों पर दोष साबित हुआ। चालान पेश होने से गुरुवार को सजा सुनाने तक इस केस को 353 दिन हुए। इन दिनों में 14 गवाहों के बयान ने आरोपियों को उम्रकैद की सजा दिला दी।

सबसे पहले साढ़ू ने देखा थाः

रिटायर्ड शिक्षक की जिस मकान में हत्या हुई वह 2016 में ही बना था। हत्या से 45 दिन पहले से रिटायर्ड शिक्षक भिंड में आकर अकेले रहने लगे थे। सुबह शाम वे महावीरगंज में मझली बहू के पास जाकर भोजन कर आते थे। इसके अलावा राजावत सुबह के समय टहलने जाते थे।

2 फरवरी को वे टहलने नहीं गए तो पास रहने वाले साढ़ू शिव सिंह उन्हें देखने गए। घर के मेन गेट का ताला टूटा था। गेट खोलकर शिव सिंह घर में घुसे तो पहले कमरे में ही पलंग पर श्री राजावत का लहूलुहान शव पड़ा था और पास में खून से सनी कुल्हाड़ी और हथौड़ी पड़ी थी।

शिव सिंह ने राजावत के छोटे बेटे अटल सिंह राजावत और पुलिस को फोन पर वारदात की सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल शुरू की थी।

रिटायर्ड शिक्षक के साथ घर आए थे हत्यारेः

जिला अभियोजन अधिकारी प्रवीण दीक्षित ने बताया कि पुलिस ने कौशल और विकास को पकड़ा तो दोनों ने कबूल किया कि वे रिटायर्ड शिक्षक राजावत के साथ ही उनके घर आए थे। घर में आरोपियों ने श्री राजावत के साथ संबंध बनाए थे। इसके बाद आरोपियों की नीयत बदल गई।

जिला अभियोजन अधिकारी का कहना है आरोपी कौशल ने श्री राजावत का गला पकड़ा और आरोपी विकास ने कुल्हाड़ी और हथौड़ी से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद आरोपी घर में रखा सामान खंगालने के बाद 6 हजार नकद और मोबाइल लूट ले गए थे।

3 धाराओं में अलग-अलग सुनाई सजाः

डीपीओ प्रवीण दीक्षित ने बताया दोनों आरोपियों को धारा 302, 34 में आजीवन कारावास और 1-1 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। धारा 394, 397 लूट और डकैती में 10-10 साल सजा और 1-1 हजार रुपए जुर्माना व धारा 460 संयुक्त रूप से घर में घुसकर हत्या करने के आरोप में 10-10 साल सजा और 1-1 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। सभी सजा एक साथ चलेंगी।

इन 6 वजह से आरोपियों को मिली सजा :

1. दोनों आरोपियों को आखिरी बार बाजार में रिटायर्ड शिक्षक वीरेंद्र सिंह के साथ देखा गया था।

2. वारदो से पहले रिटायर्ड शिक्षक के घर में आरोपियों को बाहर निकलते देखा गया था।

3. पुलिस ने आरोपियों के कपड़े जब्त किए, जिन पर मृतक रिटायर्ड शिक्षक के खून के छींटे थे।

4. वारदात स्थल से पुलिस को आरोपी कौशल कुमार का आधार कार्ड मिला था।

5. राजा ने पुलिस को बताया आरोपियों ने लूट का मोबाइल उसे 800 रुपए में बेचा था।

6. दोनों आरोपियों की ओर से कोर्ट में यह स्पष्टीकरण नहीं दिया, जिससे वे साबित करते कि जो 5 वजह उन्हें दोषी ठहरा रही हैं वे गलत या झूठी हैं।

अटपटी-चटपटी

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.