जननी एक्सप्रेस देर से पहुंची, अस्पताल परिसर में पर्दे में कराना पड़ी डिलेवरीUpdated: Mon, 13 Nov 2017 09:01 PM (IST)

जननी एक्सप्रेस की लेटलतीफी से प्रसूता की जान पर बन आई।

भिंड। जननी एक्सप्रेस की लेटलतीफी से प्रसूता की जान पर बन आई। जिला अस्पताल आते-आते प्रसूता को दर्द इतने तेज होना शुरू हो गए कि परिसर में ही पर्दे लगाकर डिलेवरी कराई गई। महिला ने बेटे को जन्म दिया है। प्रसव के बाद मां और बेटे दोनों स्वस्थ्य हैं। सिविल सर्जन डॉ. अजीत प्रसाद मिश्रा ने कहा कि जच्चा-बच्चा को मेटरनिटी वार्ड में भर्ती करा दिया है।

प्रसूता को लाने में हुई डेढ़ घंटे देरी

बड़ी डिड़ी गांव निवासी गिरिजा देवी (28) पत्नी धर्मसिंह यादव को सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। सास कटोरी बाई यादव ने आशा कार्यकर्ता सरला देवी को बुलाया। आशा करीब आधे घंटे की देरी से आईं। इसके बाद उन्होंने जननी एक्सप्रेस के लिए फोन किया तो जननी काफी देर से पहुंची।

ऐसे में परिजन गिरिजा देवी को प्रसव लेकर सुबह 11:09 बजे आए। देरी के कारण प्रसूता गिरिजा देवी की जान पर बन आई। जननी एक्सप्रेस से उतरकर जिला अस्पताल के परिसर में बैठाया गया, लेकिन उनके दर्द इतने तेज शुरू हो गए कि पर्दे लगाकर डिलेवरी कराई गई।

परिसर में डिलेवरी की सूचना पर मेटरनिटी वार्ड का स्टाफ भी वार्ड से 2 चादर लेकर आया। गिरिजा देवी ने बेटे को जन्म दिया। मां ओर बेटे को मेटरनिटी वार्ड में भर्ती कराया है। वहीं आशा कार्यकर्ता का कहना है कि वे तो समय से प्रसूता के पास पहुंच गई थी, लेकिन जननी एक्सप्रेस आने में देरी हुई।

इनका कहना है

प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा को मेटरनिटी वार्ड में भर्ती कराया है। दोनों ही दुरुस्त हैं।

डॉ. अजीत प्रसाद मिश्रा, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल भिंड

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