दिव्यांग पूजा की बड़ी उड़ान, बनीं देश की पहली कयाकिंग खिलाड़ीUpdated: Wed, 11 Oct 2017 03:51 AM (IST)

पूजा को देश की पहली कयाकिंग दिव्यांग खिलाड़ी चुना गया।

भिंड। इरादे मजबूत हों तो हौसलों के पंख से आसमान में किसी भी ऊंचाई तक उड़ान भरी जा सकती है। ये साबित कर दिखाया किसान महेश ओझा की बेटी पूजा ओझा ने। जन्म से दिव्यांग पूजा बचपन से पढ़ाई के साथ स्वाभिमानी रहीं। मन में हमेशा यही ललक कि परिवार पर बोझ नहीं बने। पूजा का ये इरादा पूरा हुआ भोपाल में अक्टूबर माह में कयाकिंग की एशियन चैंपियनशिप ट्रायल में। इस ट्रायल में पूजा को देश की पहली कयाकिंग दिव्यांग खिलाड़ी चुना गया। कयाकिंग में अपना कमाल दिखाने पूजा अगले माह नवंबर में थाईलैंड जा रही हैं। भिंड से किसी भी खिलाड़ी के तौर पर पूजा पहली हैं जो विदेशी धरती पर खेलने के लिए जा रही हैं।

चैंपियनशिप ने दिए पूजा को पंख

पूजा के ट्रेनर हितेंद्र तोमर का कहना है कि गौरी सरोवर पर कयाकिंग-केनोइंग की नेशनल चैंपियनशिप के बाद सरोवर में छात्र और छात्राओं की ट्रेनिंग शुरू कराई। इस दौरान दिव्यांग पूजा ने संपर्क किया। पूजा को देखकर नहीं लगा था कि वह कयाकिंग सीख भी पाएगी, लेकिन उसके हौसले बुलंद थे। पूजा की ट्रेनिंग शुरू हुई तो कुछ ही माह में उन्होंने कयाकिंग में ऐसा बैलेंस बनाया कि लोग देखते ही रह जाते।

ट्रेनर तोमर का कहना है भोपाल में 29 सितंबर से 2 अक्टूबर तक एशियन चैंपियनशिप के लिए ट्रायल हुई, जिसमें पूजा का चयन हो गया। वे देश की पहली कयाकिंग में दिव्यांग खिलाड़ी बनीं।

मां-पिता का नाम रोशन करना लक्ष्य

मंगलवार को पूजा दिल्ली में थाईलैंड के लिए वीज़ा अप्लाई करने गई हैं। पूजा ने कहा कि वो थाईलैंड में होने वाली एशियन चैंपियनशिप में देश का मान बढ़ाने और मां-पिता का नाम रोशन करने के लक्ष्य के साथ जा रही हैं। पूजा ने थाईलैंड में भी अपनी जीत पर पूरा भरोसा दिलाया।

यह बेटियां भी कर रही धमाल

- कक्षा 12वीं की छात्रा अंजली शिवहरे हाई जम्प में तीन बार नेशनल लेवल पर खेल चुकी हैं। अंजली कहती हैं खेलों में जाने का हौसला मां मधु शिवहरे और पिता हरिमोहन शिवहरे ने दिया। हाई जम्प के साथ अंजलि ताईक्वांडो की बेहतरीन खिलाड़ी हैं।

- 10वीं कक्षा की छात्रा साक्षी यादव भी हाई जम्प और ताईक्वांडो में जिले का नाम रोशन कर रही हैं। साक्षी अब तक स्कूल लेवल और ओलिंपिक एसोसिएशन खेलों में अपना हुनर दिखा चुकी हैं। साक्षी का कहना है खेलों के लिए मां सीमा यादव, पिता राधेगोपाल यादव प्रोत्साहित करते हैं।

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