सरदार सरोवर परियोजना : खतरे के निशान के पास तक पहुंचा नर्मदा का जलस्‍तरUpdated: Thu, 10 Aug 2017 10:47 PM (IST)

बांध के गेट बंद होने से नर्मदा का जलस्तर आहिस्ता-आहिस्ता बढ़ रहा है।

राजघाट में लगातार बढ़ रहा है नर्मदा का जलस्तर।

बड़वानी। सरदार सरोवर परियोजना में नर्मदा का एफआरएल (फुल रिजर्वायर लेबल) अर्थात पूर्ण जलाशय स्तर 138.66 मीटर निर्धारित है।

बांध के गेट बंद होने से नर्मदा का जलस्तर आहिस्ता-आहिस्ता बढ़ रहा है। आगामी अक्टूबर माह तक बांध को पूर्ण क्षमता तक भरा जाना प्रस्तावित है।

हालांकि अभी से ही नर्मदा का पानी किनारों को तोड़ आगे बढ़ने लगा है। नर्मदा तटों पर बड़े पैमाने पर हुआ खनन डूब के अनुमान को बिगाड़ सकता है।

राजघाट पर वर्तमान में जलस्तर 121.800 मीटर है जबकि खतरे का निशान 123.280 मीटर है, वहीं 127.500 मीटर पर पुल डूब जाएगा।

राजघाट के समीप ही जहां नर्मदा का एक समान किनारा था, अवैध रेत खनन के चलते किनारे खोद दिए गए हंै और वहां नर्मदा का पानी अंदर की ओर घुसने लगा है।

यह स्थिति नर्मदा के दोनों छोर पर देखने को मिल रही है। बड़वानी जिले में पेंड्रा, खेड़ी, पिपलूद, छोड़ा बड़दा आदि जगहों पर नर्मदा नदी के किनारे खुदे हुए हैं। इन क्षेत्रों में अचानक पानी भरने के खतरे से इंकार नहीं किया जा सकता।

10 दिन में बढ़ गया एक मीटर जलस्तर

सरदार सरोवर बांध के मई माह में गेट लगने के बाद से जल स्तर बढ़ने लगा है। 1 अगस्त को राजघाट में नर्मदा का जल स्तर 120.900 मीटर था, जो 10 अगस्त दोपहर तक 121. 800 हो गया।

इन 10 दिनों में करीब 1 मीटर पानी बढ़ गया। राजघाट का पुल 127.500 मीटर जल स्तर होने पर डूब जाएगा।

इंदिरा सागर बांध से पानी छोड़े जाने व अधिक बारिश होने पर जल स्तर तेजी से ओर बढ़ सकता है। हालांकि बांध को भरने के लिए एक शेड्यूल तय किया गया है।

नर्मदा का प्रस्तावित जल स्तर

अगस्त माह -130.55 मीटर

सितंबर माह -134.24 मीटर

अक्टूबर माह- 138.66 मीटर

ये आंकड़े भी जानें

राजघाट में खतरे का निशान-123.280 मीटर

राजघाट पुल डूबेगा- 127.500 मीटर

पूर्ण जलाशय स्तर-138.66 मीटर

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