नर्मदा नदी में समा जाएगा राजघाट पुल, 127 मीटर पहुंचा जलस्तरUpdated: Wed, 13 Sep 2017 07:56 PM (IST)

आेंकारेश्वर परियोजना और इंदिरा सागर परियोजना से पानी छूटने के बाद राजघाट में नर्मदा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है

बड़वानी। आेंकारेश्वर परियोजना और इंदिरा सागर परियोजना से पानी छूटने के बाद राजघाट में नर्मदा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार शाम तक जलस्तर लगभग 127 मीटर पहुंच गया। 127.500 मीटर पर राजघाट पुल पूरी तरह नर्मदा के आगोश में समा जाएगा। बुधवार दिन में भी बड़ी संख्या में लोग पुल को देखने के लिए पहुंचे। उधर, जलस्तर बढ़ने से ग्राम सोंदूल स्थित मंदिरों तक पानी पहुंच गया, इन मंदिरों का अब तक विस्थापन नहीं हो पाया है।

नर्मदा बचाओ आंदोलन ने प्रेसनोट जारी कर आरोप लगाए कि प्रशासन अब तक भगवानों का ही विस्थापन नहीं कर पाया है और डूब लाई जा रही है। यह सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चाहान द्वारा मंदिरों के लिए 27 करोड़ की घोषणा के बावजूद अब तक इन्हें विस्थापित नहीं किया गया है।

इन मंदिरों के विस्थापन की राशि कलेक्टर के खाते में वर्षों से जमा है। राजघाट स्थित दत्त मंदिर सहित अन्य मंदिर भी विस्थापित नहीं हुए हैं। आरोप लगाए गए कि अब तक लोगों का भी पूर्ण पुनर्वास नहीं हुआ है और महज 17 सितंबर को प्रधानमंत्री द्वारा परियोजना का लोकार्पण किए जाने के लिए परियोजनाओं का पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि परियोजनाओं में भी अब तक पूर्ण स्तर तक पानी नहीं पहुंचा है।

फैलने लगा खेतों में पानी

नर्मदा का जलस्तर लगातार बढ़ने से राजघाट के आसपास भी पानी अब खेतों में फैलने लगा है। माना जा रहा है कि जल्द ही राजघाट के पहले बड़वानी मार्ग स्थित पुलिया भी डूब जाएगी। इससे राजघाट जाने का मार्ग अवरूद्ध होगा, वहीं राजघाट को अब तक खाली नहीं करवाया गया है।

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