'पोस्टर बॉयज़'Updated: Fri, 08 Sep 2017 10:03 AM (IST)

पोस्टर बॉयज़' एक मनोरंजक फ़िल्म है जिसे देखते हुए आप अपने ठहाके रोक नहीं पाएंगे!

हिंदी फ़िल्मों के निर्देशन में अपना पहला कदम बढ़ाने वाले निर्देशक अभिनेता श्रेयस तलपड़े की फ़िल्म 'पोस्टर बॉयज़' उनकी ही सुपरहिट मराठी फ़िल्म का रीमेक है। यह कहानी है गांव के 3 लोगों जगावर चौधरी, विनय शर्मा और अर्जुन सिंह की। जिसे पर्दे पर निभा रहे हैं सनी देओल बॉबी देओल और श्रेयस तलपड़े। इन तीनों के फोटोज़ उनकी मर्जी और इजाज़त के बिना ही नसबंदी करवाने वालों में शामिल एक पोस्टर पर आ जाता है।

अभी भी भारत के गांवों में, छोटे कस्बों में और कई वर्गों में यह माना जाता है कि पुरुषों ने अगर नसबंदी करा ली तो उनकी मर्दानगी खत्म हो जाती है। नसबंदी के इस पोस्टर पर तीनों की फोटो आ जाने से उनकी ज़िंदगी में क्या असर होता है, इसी पर आधारित है फ़िल्म 'पोस्टर बॉयज़' की कहानी।

'पोस्टर बॉयज़' एक कसी हुई स्क्रिप्ट है और ये नज़र आता है कि श्रेयस ने काफी मेहनत की है'। फ़िल्म के संवादों पर किरदार के हिसाब से विशेष मेहनत की गई है यह भी साफ़ दिखता है! अपनी डेब्यू फ़िल्म के हिसाब से श्रेयस सफल नजर आते हैं। समय और अनुभव के साथ-साथ उनके क्राफ्ट में और सुधार होगा यह उम्मीद की जा सकती है'।

बहरहाल, 'पोस्टर बॉयज़' एक मनोरंजक फ़िल्म है जिसे देखते हुए आप अपने ठहाके रोक नहीं पाएंगे! फ़िल्म के सब्जेक्ट को देखते हुए अगर यह कहा जाए तो गलत नहीं होगा कि श्रेयस ने अपनी आधी ज़ंग सनी और बॉबी देओल की कास्टिंग कर के ही जीत ली है।

अभिनय की अगर बात की जाए तो सनी देओल अपने इमेज से बाहर जाकर एक अलग अवतार में नज़र आते हैं, जिसमें वह सफल भी हुए हैं। बॉबी देओल पहले भी कॉमेडी कर चुके हैं लेकिन, इसमें वह एक अलग अंदाज़ में नज़र आते हैं। श्रेयस एक अभिनेता के तौर पर फ़िल्म को बांधे रखते हैं। कलाकारों की इस तिकड़ी ने दर्शकों पर अपनी पकड़ बना कर रखी है।

फ़िल्म का कैमरा वर्क और एडिटिंग एकदम सटीक है। 'पोस्टर बॉयज़' एक मनोरंजक फ़िल्म है, जिसका आनंद आप ले सकते हैं। यह फ़िल्म आपको निराश नहीं करेगी।

- पराग छापेकर

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