JNU में खुला गुरिल्ला ढाबा, कोई मालिक नहीं है यहां, जानें फिर कैसे चलता हैUpdated: Thu, 12 Oct 2017 03:46 PM (IST)

यहां आने वाले छात्रों को खुद ही चाय बनानी होती है और जाते वक्त उन्हें अपना गिलास खुद धोकर रखना होता है।

नई दिल्ली। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में गोरिल्ला ढाबा खुला है। गोरिल्ला नाम सुनकर आप इसे युद्ध कला से नहीं जोड़ें। यह देर रात तक खोले रखने के लिए स्टूडेंट्स ने खुद शुरू किया है। इस ढाबे की खासबात यह है कि इस ढाबे का कोई मालिक नहीं है।

दरअसल, सुरक्षा कारणों का हवाला देकर रात 11 बजे तक जेएनयू प्रशासन ने यूनिवर्सिटी परिसर की सारी कैंटीन बंद कर देने का फैसला किया था। इसके विरोध में छात्रों ने गुरिल्ला ढाबा शुरू किया है, जो रात 11 बजे के बाद भी खुला रहता है।

इसके नियम-कायदे अनोखे हैं। यहां आने वाले छात्रों को खुद ही चाय बनानी होती है और जाते वक्त उन्हें अपना गिलास खुद धोकर रखना होता है। इस ढाबे की एक और दिलचस्प बात यह है कि इसका मालिक कोई नहीं है और इसे यूनिवर्सिटी के छात्र मिलकर चलाते हैं।

इस साल जून में परिसर विकास समिति ने रात में जेएनयू की कैंटीन को बंद करने का फैसला किया था। छात्रों ने बड़े पैमाने पर जेएनयू प्रशासन का विरोध किया था। इसके जवाब में छात्रों ने गुरिल्ला ढाबा शुरू किया है। अभी इस ढाबे को खुले हुए एक हफ्ता भी नहीं हुआ है, लेकिन यह छात्रों के बीच यह काफी लोकप्रिय हो गया है।

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