यहां के शराबियों ने तोड़े रिकॉर्ड, 20 दिन में खपी 18 करोड़ की शराबUpdated: Wed, 03 May 2017 11:42 PM (IST)

शराब की बिक्री में इजाफा के वैसे तो कई कारण माने जा रहे हैं, लेकिन कुछ अफवाहों की वजह से भी आंकड़ा काफी बढ़ा है।

राजनांदगांव। जिले में पूर्ण शराबबंदी की मांग के बाद भी शराब की बिक्री ने पिछले साल की बिक्री का रिकार्ड तोड़ दिया है।

बीते वर्ष अप्रैल के 30 दिन में लगभग 15 करोड़ 86 लाख रुपए की शराब बिक्री हुई थी, लेकिन इस साल महज 20 दिनों में ही जिले में करीब 18 करोड़ रुपए से अधिक की शराब बिकी है।

बड़ी बात यह है कि जिले की शराब दुकानों में शुरुआत से ही स्टॉक की कमी चल रही है, बावजूद जिले में रिकार्डतोड़ बिक्री पूर्ण शराबबंदी की मांग को आयना दिखा गई।

एक अप्रैल से शराब दुकानों का संचालन राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। जिले में 28 (16 देशी व 12 विदेशी) शराब दुकानें है। जिसमें शहर में मोहारा व रेवाडीह में दो देशी व दो विदेशी दुकानें साथ ही है।

जबकि बीते वर्ष शहर में करीब तीन देशी व चार विदेशी शराब दुकान थी। शहर में दुकानों की संख्या कम होने की वजह से भीड़ बढ़ गई है। यही वजह है कि शहर की दुकानों में आए दिन स्टॉक का अभाव भी रहता है।

20 ही दिन खुली दुकानें

राज्य सरकार एक अप्रैल से शराब दुकानों का संचालन कर रही है, लेकिन जिले में ज्यादातर शराब दुकानें 2-3 अप्रैल के बाद ही खुली। शुरुआती दिनों में स्टॉक व कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं होने की वजह से तीन से चार दिन शराब दुकानें बंद ही रही। इसके बाद भी पखवाड़ेभर स्टॉक की कमी व अन्य कई कारण से दुकानों के शटर गिरते रहे। आबकारी विभाग से मिले आंकड़ों की मानें तो जिले की शराब दुकानों में अप्रैल महीने में महज 20 दिन लेन-देन हुआ है।

नहीं बिकी थी इतनी शराब

पिछले वर्ष भी जिले में शराब दुकानों की संख्या 28 ही थी। इसके अलावा जिले में 12 बीयर बार भी थे। बावजूद बीते वर्ष अप्रैल माह के पूरे 30 दिन में लगभग 15 करोड़ 86 लाख रुपए से अधिक की शराब नहीं बिकी थी। लेकिन इस साल शराब बिक्री ने जिले का पुराना रिकार्ड तोड़ दिया है। दुकानों में स्टॉक की कमी, पूर्ण शराब बंदी की मांग और शराब दुकानों के विरोध के बाद भी केवल 20 दिन में ही जिले में करीब 18 करोड़ रुपए से अधिक की शराब बिक्री की गई है।

अफवाहों ने भी बढ़ा दी बिक्री

शराब की बिक्री में इजाफा के वैसे तो कई कारण माने जा रहे हैं, लेकिन कुछ अफवाहों की वजह से भी आंकड़ा काफी बढ़ा है। इसमें एक है 'कल मिलेगी या नहीं'। ज्यादातर दुकानें स्टाक खत्म होने के कारण समय से पहले बंद हो जा रही है। इस कारण लोग समय निकालकर लाइन में लग जा रहे हैं। बाद के लिए भी स्टाक कर ले रहे हैं। दूसरा कभी भी पूर्ण शराबबंदी यानी दुकानें पूरी तरह से बंद हो सकती है। ऐसी चर्चा के चलते भी लोग जरूरत से अधिक शराब खरीदने लगे हैं। हालांकि विभाग अभी पूर्ण शराबबंदी की बातों को महज अफवाह बता रहा है।

वायरल हुई भीड़ की फोटो

मोहारा बायपास स्थित देशी शराब दुकान में शराब लेने के लिए लगी लंबी लाइन की फोटो छग के साथ पड़ोसी राज्यों में भी वायरल हो गई है। यही नहीं आबकारी विभाग ने भी फोटो अपने उच्च अधिकारियों को फारवर्ड किया है। ज्ञात हो कि पिछले हफ्तेभर से मोहारा की देशी शराब दुकान में सुबह से लोगों की भीड़ जुट रही है। बीते दिनों मोहारा में शराब लेने वालों की इतनी लंबी लाइन लगी थी, जो अभी तक कहीं देखने नहीं मिली थी। यही वजह है कि यह फोटो पूरे प्रदेशभर के साथ महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल व ओड़िसा जैसे कई राज्यों में वायरल हो चुकी है।

आंकड़ा और बढ़ता

'अप्रैल में केवल 20 दिन ही दुकानों का संचालन हुआ है। जिसमें लगभग 18 करोड़ रुपए से अधिक की बिक्री की गई है। शुरुआत में स्टॉक नहीं पहुंचने की वजह से 8-10 दिन जिले की सभी दुकाने प्रभावित रही है। अगर पूरे दिन दुकान खुलती तो बिक्री का आंकड़ा और बढ़ता।'

-वीएस शर्मा, सहायक आयुक्त, आबकारी

संबंधित खबरें

जरूर पढ़ें

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.