चुप हो जा बेटी, परीक्षा दे रही हूं... जब पढ़-लिख लूंगी तब तो तुझे पढ़ाऊंगीUpdated: Mon, 20 Mar 2017 03:52 AM (IST)

परीक्षा के दौरान बच्ची रोने लगी तो मां ने पुचकारते हुए कहा- चुप हो जा बेटी, परीक्षा दे दूं फिर घर चलेंगे।

रायपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। अक्षर ज्ञान की महापरीक्षा के लिए रविवार को उम्रदराज लोगों में खूब उत्साह दिखा। आलम यह था कि शासकीय स्कूल टेमरी में एक मां अपनी मासूम बच्ची को लेकर परीक्षा देने पहुंची थी। परीक्षा के दौरान बच्ची रोने लगी तो मां ने पुचकारते हुए कहा- चुप हो जा बेटी, परीक्षा दे दूं फिर घर चलेंगे। पढ़-लिख लूंगी तब न तूझे पढ़ाऊंगी। कुछ महिला-पुरुष तो अपने पोतों के साथ परीक्षा देने पहुंचे थे।

राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान नोयडा के तत्वावधान में साक्षर भारत मिशन अंतर्गत राष्ट्रव्यापी महापरीक्षा का आयोजन प्रदेश के 23 जिलों में हुआ। इसके लिए 417 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिनमें 3482 लोगों ने परीक्षा दी।

रायपुर जेल में 80 बंदियों ने दी परीक्षा

केंद्रीय जेल रायपुर के 80 बंदियों ने महापरीक्षा दी। यहां लोक सभा सांसद रमेश बैस, क्षेत्रीय निदेशक एसके भट्ट, राज्य साक्षरता प्राधिकरण के सहायक संचालक प्रशांत पांडेय, जिला पंचायत सीईओ क्षीरसागर और साक्षरता परियोजना के अधिकारी संजय गुहे ने औचक निरीक्षण किया। बंदियों में परीक्षा को लेकर काफी उत्साह था। माहौल पूरी तरह शिक्षा-निकेतन की तरह रहा। सांसद बैस ने बंदियों को उत्साहित करते हुए कहा कि जेल में रह कर भी अच्छे कार्य सीख सकते हैं और सजा भी कम हो सकती है। 2009 से लेकर अब तक 999 पुरुष और 26 महिला बंदियों ने परीक्षा दी है।

सेंदरी में कम्यूनिटी हॉल के लोकार्पण में आए लोगों को बैठाया परीक्षा में

सेंदरी में आयोजित परीक्षा में उस समय गड़बड़ी सामने आई, जब वहां कम्यूनिटी हॉल के लोकार्पण में शामिल होने आए लोगों को परीक्षा में बैठा दिया गया। निरीक्षण करने पहुंचे आला अधिकारियों को परिक्षार्थियों की उपस्थिति ज्यादा दिखाने के लिए ऐसा किया गया। हालांकि राज्य साक्षरता प्राधिकरण के सहायक संचालक प्रशांत पांडेय ऐसे होने से इनकार किया है।

जरूर पढ़ें

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.