मल मास के पहले आज गुरु पुष्य नक्षत्र का संयोग, ऐसा करना होगा शुभUpdated: Thu, 07 Dec 2017 07:22 AM (IST)

सभी वारों में बृहस्पतिवार यानी गुरुवार को परमशुभ और मंगलकारक माना गया है, वही नक्षत्रों में 'पुष्य नक्षत्र' को श्रेष्ठ माना गया है।

रायपुर। हिंदू वैदिक परम्पराओं और ज्योतिषीय दृष्टि से किसी भी नए कार्य की शुरुआत या नई वस्तुओं के लेनदेन में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। शुभ मुहूर्त की उपस्थिति उस दिन किए गए कार्यों के सुमंगल और सफलता को निश्चित करती है।

वैसे तो पंचांग में अलग अलग कार्यों के लिए वर्ष भर के बहुत से शुभ मुहूर्त होते हैं, परन्तु कुछ ऐसे सिद्ध और सफलतादायक मुहूर्त होते हैं जो प्रत्येक कार्य के लिए उपयोगी और शुभ परिणाम देने वाले होते हैं। इस बार मल मास लगने से पहले ऐसा ही एक शुभ मुहूर्त 7 दिसंबर को गुरु-पुष्य योग पड़ रहा है।

पूरे साल में दो-तीन बार ही आता है संयोग

ज्योतिषी आचार्य मुक्तिनारायण पांडेय के अनुसार गुरु पुष्य योग को बहुत ही दुर्लभ माना गया है, क्योंकि यह योग पूरे साल में केवल दो या तीन बार ही पड़ता है। सभी वारों में बृहस्पतिवार यानी गुरुवार को परमशुभ और मंगलकारक माना गया है, वही नक्षत्रों में 'पुष्य नक्षत्र' को श्रेष्ठ माना गया है।

जब भी कभी संयोगवश गुरुवार को पुष्य नक्षत्र उपस्थित होता है तो गुरुवार और पुष्य नक्षत्र दोनों के मेल से गुरु पुष्य योग का निर्माण होता है जो कि बहुत दुर्लभ और श्रेष्ठ समय होता है।

7 दिसम्बर गुरुवार को बन रहे गुरुपुष्य योग में सुबह से रात तक गुरुपुष्य योग उपस्थित रहेगा ऐसा बहुत कम होता है कि गुरुपुष्य योग की उपस्थिति पूरे दिन हो पर इस बार ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है। यह संयोग सभी शुभ मंगलकार्यों व नए कार्यों में सफलता देने वाला होगा। पूरे दिन में केवल दोपहर 1.30 से 3 बजे तक राहुकाल रहेगा इसलिए डेढ़ घंटे खरीदारी ना करें।

शुभ कार्य जो किए जा सकेंगे

गुरुपुष्य योग में किसी भी नए कार्य की शुरुआत करना, भूमिपूजन, गृह प्रवेश, ऑफिस ओपनिंग, उद्योग आरम्भ करना, नया वाहन खरीदना, नई वस्तुएं खरीदना, बिजनेस डील करना, यात्रा पर जाना, आभूषण ख़रीदना, सगाई, महत्वपूर्ण निर्णय लेना जैसे कार्य किए जा सकेंगे।

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