छत्तीसगढ़ में लाल बत्ती पूरी तरह खत्म, पायलेटिंग वाहनों में नीली बत्तीUpdated: Fri, 21 Apr 2017 07:48 PM (IST)

राज्य सरकार ने लाल बत्ती पूरी तरह खत्म कर कुछ प्रमुख लोगों को दी जाने वाले अगुवानी (पायलेटिंग) की सुविधा बरकरार रखी है।

रायपुर। राज्य सरकार ने लाल बत्ती पूरी तरह खत्म कर कुछ प्रमुख लोगों को दी जाने वाले अगुवानी (पायलेटिंग) की सुविधा बरकरार रखी है। इन पायलेटिंग करने वाले वाहनों के पर न केवल नीलीबत्ती लगी रहेगी, बल्कि हूटर भी बजेगा। इसके साथ ही कानून व्यवस्था समेत पुलिस के मैदानी अमले की भी बत्ती बची रहेगी।

छत्तीसगढ़ के परिवहन विभाग ने शुक्रवार को वाहनों पर इस्तेमाल किए जाने वाली बत्तियों को लेकर नया आदेश जारी किया है। इसके तहत पूरे राज्य में किसी भी स्तर का वीआईपी अब अपने वाहन पर लालबत्ती का इस्तेमाल नहीं कर सकता। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह 2009 से ही अपनी गाड़ियों में लाल बत्ती नहीं लगाते। परिवहन विभाग के विशेष सचिव ओपी पाल ने आदेश जारी कर हूटर के इस्तेमाल का दायरा भी सीमित कर दिया है।

इन्हें रहेगी नीली बत्ती की पात्रता

आदेश के अनुसार एम्बुलेंस, दमकल वाहन, सुरक्षा, मार्गदर्शन (पायलेटिंग) और कानून व्यवस्था में लगे पुलिस का मैदानी अमला नीली बत्ती का इस्तेमाल कर सकते हैं।

दर्जनभर से अधिक को है पायलेटिंग की सुविधा

छत्तीसगढ़ में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, हाई कोर्ट मुख्य न्यायाधीश व अन्य न्यायाधीश, विधानसभा अध्यक्ष, कैबिनेट मंत्री, नेता प्रतिपक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री, मुख्य लोकायुक्त, राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष व योजना आयोग के उपाध्यक्ष समेत सुरक्षा कारणों से कुछ और लोगों के वाहनों के आगे पायलेटिंग वाहन चलते हैं।

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