प्रदेश में चार नए टाइगर रिजर्व के लिए सर्वेUpdated: Sun, 08 Jun 2014 09:09 PM (IST)

वन विभाग प्रदेश में चार नए टाइगर रिजर्व के लिए सर्वे कर रहा है। इसके तहत वन ग्राम और राजस्व ग्राम की स्थिति, टाइगर के रहवास क्षेत्र और आने-आने के रास्तों का सर्वे किया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद इसे भारत सरकार को भेजा जाएगा। भरत सरकार द्वारा टाइगर रिजर्व की अधिसूचना जारी की जाएगी।

रायपुर। वन विभाग प्रदेश में चार नए टाइगर रिजर्व के लिए सर्वे कर रहा है। इसके तहत वन ग्राम और राजस्व ग्राम की स्थिति, टाइगर के रहवास क्षेत्र और आने-आने के रास्तों का सर्वे किया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद इसे भारत सरकार को भेजा जाएगा। भरत सरकार द्वारा टाइगर रिजर्व की अधिसूचना जारी की जाएगी।

छत्तीसगढ़ से लगे मध्य प्रदेश के कान्हा और झारखंड के पलामू के जंगलों से प्रदेश में लगातार बाघों का आना- जाना लगा हुआ है। बीते कुछ वर्षों में भोरमदेव में कुछ बाघ वन विभाग के कैमरे में कैद हुए। वहीं बाघ द्वारा जानवरों को मारने की सूचना भी विभाग को समय-समय पर मिलती रही है। इसे देखते हुए भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे क्षेत्रों में बाघों के लिए नया कॉरिडॉर बनाने का निर्देश दिया है। वन विभाग ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। पहले चरण में मध्यप्रदेश और झारखंड सरकार से इस संबंध में चर्चा हो गई है। वहीं कॉरिडॉर के लिए जंगलों में सर्वे किया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद वन विभाग एक प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजेगा। कैबिनेट की मुहर के बाद इसे राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) को भेजा जाएगा। इस प्रस्ताव का अध्ययन कर एनटीसीए के अफसर प्रदेश के चार नए टाइगर रिजर्व के लिए अधिसूचना जारी करेंगे। कॉरिडॉर में शामिल गुरुघासीदास और संजय डुगली टाइगर रिजर्व को नेशनल पार्क का दर्जा हासिल है।

टाइगर की सूचना

विभागीय अफसरों के मुताबिक भोरमदेव, अचनाकमार, बारनवापारा, इंद्रावती सहित कुछ हिस्सों में टाइगर होने की सूचना है। यही वजह है कि नए टाइगर रिजर्व के लिए कॉरिडॉर बनाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ वर्षों में भोरमदेव में बाघ की गतिविधियां बढी हैं। इस क्षेत्र में वन विभाग के कैमरे में टाइगर कैद हो चुका है। बीते दिनों बारनवापारा में भी बाघ होने की जानकारी वन विभाग को मिली।

तीन टाइगर रिजर्व में 25 बाघ

प्रदेश में इंद्रावती, अचानकमार और उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व हैं। विभागीय अफसरों ने तीनों टाइगर रिजर्व में करीब 25 से अधिक बाघ होने का दावा किया है। प्रदेश के तीनों टाइगर रिजर्व में से कुछ हिस्सों में कैमरे लगाकर बाघ की संख्या जुटाई जाती है। जहां पर कैमरा लगाना संभव नहीं है, वहां देशी पद्धति से बाघ होने की जानकारी जुटाई जाती है।

नए टाइगर रिजर्व का प्रस्ताव

0 अचानकमार से कान्हा - 80 किमी.

0 अचानकमार से बांधवगढ़ - 200 किमी

0 उदंती-सीतानदी से इंद्रावती - 100 किमी

0 सरगुजा गुरुघासीदास से पलामू झारखंड - 100 किमी.

रिजर्व से होगा फायदा

0 बाघों की संख्या में होगी वृद्धि

0 विस्तृत क्षेत्रफल मिलेगा

0 पर्यटन को बढ़ावा

0 बाघों की वंशवृद्धि (जेनेटिक) होगी

भारत सरकार के निर्देश के बाद सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। कॉरिडॉर 3 किमी.चौड़ा होगा। राज्य सरकार को जल्द ही प्रस्ताव बनाकर दिया जाएगा।

रामप्रकाश, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव)

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