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IIMC में बोलने के लिए कल्लूरी को न्योता, विवाद शुरूUpdated: Fri, 19 May 2017 08:54 AM (IST)

नई दिल्ली स्थित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन में 20 मई को सेमिनार होगा।

रायपुर। नई दिल्ली स्थित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन में 20 मई को सेमिनार होगा। इसमें बस्तर के पूर्व आईजी एसआरपी कल्लूरी को 'वंचित समाज के सवाल' विषय पर बोलने के लिए बुलाया गया है।

कल्लूरी को बुलाने पर सोशल मीडिया में जमकर बवाल मचा है। आईआईएमसी में भी कल्लूरी के पक्ष और विपक्ष में दो गुट बन गए हैं। मानवाधिकारवादी कह रहे हैं कि जिसने बस्तर में वंचित आदिवासियों का हक कुचला, पत्रकारों का दमन और मीडिया का अपमान कराया, अब वे वंचित समाज के सवाल पर बात करेंगे, इधर कल्लूरी समर्थक कह रहे हैं कि उनके जाने से राष्ट्रीय स्तर पर शहरी नक्सलियों के चेहरे बेनकाब होंगे, इसलिए ऐसे लोग परेशान हैं।

आयोजन की शुरुआत यज्ञ से होगी इसलिए आयोजकों पर प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान के भगवाकरण का आरोप भी लग रहा है। आईआईएमसी के ऑडिटोरियम में शनिवार को मीडिया स्कैन नाम की संस्था ने सेमिनार का आयोजन किया है। इसका विषय है-वर्तमान परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रीय पत्रकारिता: मीडिया एंड मिथ।

सहआयोजकों में गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति दिल्ली भी शामिल है। चार सत्रों में आयोजित सेमिनार में आईआईएमसी के महानिदेशक केजी सुरेश सहित कई दिग्गज वक्ताओं को बुलाया गया है। तीसरे सत्र में वंचित समाज के सवाल विषय पर कल्लूरी को बोलना है।

राजीव ने कहा कल्लूरी को लेकर बेवजह बवाल हो रहा है। आयोजन में सुबह यज्ञ होगा, जिसका कई छात्र विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा, क्या बोला गया उस पर विवाद हो सकता है पर मैं आश्चर्यचकित हूं कि यहां कौन बोल रहा उस पर विवाद हो रहा है।

बस्तर की अग्नि संस्था के अध्यक्ष आनंद मोहन मिश्रा ने कहा कि दिल्ली के जो लोग यहां जंगल में आकर नक्सलवादियों का समर्थन करते हैं । वे डरे हुए हैं कि कहीं उनकी करतूत राष्ट्रीय स्तर पर न उजागर हो जाए, इसीलिए विवाद कर रहे हैं।

बेला भाटिया ने कहा, गलत संदेश जाएगा

मानवाधिकारवादी आयोजन को पत्रकारिता का काला दिन बता रहे हैं। समाजसेवी बेला भाटिया ने कहा हमने तो कल्लूरी को कानून तोड़कर वंचितों को सताते ही देखा है। उन्होंने सच लिखने वाले पत्रकारों का दमन किया। ऐसे व्यक्ति को मीडिया के मंच पर बुलाने से संदेश गलत जाएगा।

पीयूसीएल के अध्यक्ष डॉ. लाखन सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा-आश्चर्यचकित हूं। हिमांशु कुमार ने कहा जिसने वंचित महिलाओं का बलात्कार कराया, उसे विशेषज्ञ के रूप में बुलवाकर मोदी सरकार ने साफ कर दिया है कि आंदोलनों को कुचलने ऐसे लोगों की मदद ली जाएगी। आईआईएमसी का भगवाकरण किया जा रहा।

पूर्व छात्र की कविता चर्चा में

आईआईएमसी के एक पूर्व छात्र विकास साहू ने सोशल मीडिया पर कल्लूरी के विरोध में एक कविता

लिखी है जो चर्चा में है। लंबी कविता में उसने लिखा है-हे कल्लूरी जब तुम आईआईएमसी में प्रवचन देने जाओगे, तब समय निकाल अरुणा आसिफ अली रोड होते हुए अफ्रीका एवन्यू रोड से राइट टर्न लेकर 8.5 किमी की दूरी पर मानवाधिकार भवन है, वहां भी चले जाना।

मैंने तो सिर्फ जगह दी है

आईआईएमसी के महानिदेशक केजी सुरेश ने नईदुनिया से कहा कि अभी सत्र खत्म है। यहां न स्टूडेंट हैं, न फैकल्टी। एक मीडिया संस्थान ने आयोजन करने के लिए जगह मांगी, मैंने दे दी। आप भी मांगेंगे तो दे दूंगा। भगवाकरण का आरोप गलत हैं। मुझे एक सत्र में बुलाया है तो जाऊंगा। ताज्जुब हो रहा कि विवाद क्यों है।

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