दिखा रहे मकान टूटने का डर, नियमितीकरण के नाम पर वसूलीUpdated: Tue, 01 Aug 2017 08:07 AM (IST)

0 शहरभर में सक्रिय हैं इंजीनियर और दलालों की गैंग 0 कृष्णा नगर, रामनगर, गुढ़ियारी और पुरैना में सैकड़ों बने शिकार 0 1200 वर्ग फीट तक के मकान का निःशुल्क होता है नियमितीकरण, इंजीनियर को सिर्फ नक्शा बनाने का करना होता है भुगतान रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि शहर में कुछ इंजीनियर और उनके साथ जुड़े दलाल मध्यम और निम्न मध्यम वर्गीय परि

0 शहरभर में सक्रिय हैं इंजीनियर और दलालों की गैंग

0 कृष्णा नगर, रामनगर, गुढ़ियारी और पुरैना में सैकड़ों बने शिकार

0 1200 वर्ग फीट तक के मकान का निःशुल्क होता है नियमितीकरण, इंजीनियर को सिर्फ नक्शा बनाने का करना होता है भुगतान

रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

शहर में कुछ इंजीनियर और उनके साथ जुड़े दलाल मध्यम और निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों को मकान टूटने का डर दिखा कर हजारों रुपए वसूल रहे हैं। पैसा वसूलने नक्शे के अनुरूप मकान नहीं बनाने वालों को टारगेट किया जा रहा है। मुनाफाखोरों ने इस काम के लिए बाकायदा गैंग बना रखी है। गुढ़ियारी, कृष्णा नगर और रामनगर में काम कर रही ऐसे ही कुछ गैंग का खुलासा हुआ है। इसके सदस्यों ने अवैध निर्माण का नियमितीकरण कराने का दावा कर लोगों से पांच से दस हजार रुपए तक वसूल लिए हैं। कलेक्टर ओपी चौधरी ने ऐसे लोगों पर कार्रवाई की बात कही है। कलेक्टर ने बताया कि इसका इंजीनियर सिर्फ नक्शा बना सकता है, जबकि नियमितीकरण का निर्णय खुद कलेक्टर और एसपी की समिति लेती है।

केस1

महिलाओं को डराकर लिए 5 हजार

कर्मा चौक पर बर्तन दुकान संचालक शशिनारायण साहू ने बताया कि सोमवार दोपहर घर में महिलाएं अकेली थीं। एक युवक ने दरवाजा खटखटाकर खुद को निगम का कर्मचारी बताया। कहा कि मकान नक्शे के हिसाब से नहीं बने हैं। नियमितीकरण कराना होगा, वरना निगम मकान तोड़ देगा। महिलाएं डर गईं। शशि के अलावा आसपास की दो अन्य महिलाओं ने युवक को 5-5 हजार रुपए दे दिए। युवक ने कहा कि वह जोन ऑफिस से रसीद लाकर बाद में देगा।

केस2

600 फीट तक के मकान के ले लिए 4-4 हजार

कृष्णा नगर में गोविंद सिंह, बीर सिंह नामक दो भाइयों के घर पहुंचे युवक ने 600 फीट के मकान के लिए 4-4 हजार रुपए वसूल लिए, जबकि नियमानुसार 12 सौ फीट के मकान का नियमितीकरण निःशुल्क किया जाना है। दलाल सिर्फ दस्तावेजों की फोटोकॉपी और नक्शा बनाने के नाम पर 4-5 हजार रुपए वसूल रहे हैं।

केस3

महिलाओं को बना रहे आसान टारगेट

नईदुनिया टीम की पड़ताल में पता चला कि ज्यादातर मामलों में गैंग ने महिलाओं को डराकर अपना प्रभाव बनाया। दोपहर को पुरुषों की गैर मौजूदगी में दलाल घर पहुंचे और नियमों का हवाला दिया। बिमला साहू, अश्वन साहू, राजकमल साहू, पुरषोत्तम साहू और पिंटू साहू के परिवार की महिलाओं को मकान टूटने का डर दिखाया।

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इस तरह करवाया जा सकता है नियमितीकरण

अगर आपने नक्शे के अनुरूप भवन नहीं बनाया है तो नियमितीकरण शुल्क पटाकर कार्रवाई से बच सकते हैं। मकान के लिए अधिकतम 30 रुपए वर्गफीट पटाना होगा। इसे आप चार किस्तों में पटा सकते हैं। इसके बाद जिला प्रशासन और निगम के रिकॉर्ड में आपके भवन का नियमितीकरण हो जाएगा।

किन भवनों का और कब तक होगा नियमितीकरण

1 अगस्त, 1984 से लेकर 1 अगस्त ,2016 के बीच मकान और गैर-आवासीय भवनों के लिए 30 अगस्त तक आवेदन किया जा सकता है। आवेदन संबंधित जोन कार्यालय, नगर पालिका, नगर पंचायत और तहसील या टाउन एंड कंट्री प्लानिंग कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं। जिला प्रशासन कमेटी इसके बारे में अंतिम निर्णय लेगी।

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जमा करने होंगे ये दस्तावेज

आवेदन के साथ भवन मालिक को रजिस्ट्री , खसरा, बीवन, पीटू, नामांतरण, डायवर्सन, पूर्व में बनवाया गया नक्शा, नजरी नक्शा, लोकेशन प्लान, भवन का मानचित्र, रेन वाटर हारवेस्टिंग की प्रतिलिपि, निगम द्वारा जारी एनओसी, गुगल मैप की कॉपी जमा करनी होगी। गैर आवासीय निर्माण होने बिजली बिल की कॉपी जमा करनी होगी। इसके अलावा इंजीनियर या आर्किटेक्ट का जारी किया हुआ घोषण पत्र भी जमा करना होगा।

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नियमितीकरण का दावा नहीं कर सकता इंजीनियर

नगर निवेश अधिकारी बताते हैं कि निगम में पंजीकृत इंजीनियर का काम सिर्फ नक्शा बनाना है। इनके जरिए आवेदन करना अनिवार्य नहीं है। दस्तावेज जमा कर आप खुद ही आवेदन कर सकते हैं। इंजीनियर को मकान नापने और नक्शा बनाने की आपस में तय फीस देनी होगी, लेकिन वह नियमितीकरण कराने का दावा कर ज्यादा पैसे नहीं वसूल सकता।

31 शुक्ला 01, समय 7.02 बजे

सं. आरकेडी

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