भोरमदेव में पहली बार 40 साइंटिफिक कैमरों से बाघों की निगरानीUpdated: Wed, 22 Jun 2016 08:04 PM (IST)

भोरमदेव अभयारण्य में तीन शेरों की चहलकदमी के सबूत मिले हैं। पद-चिन्ह और मल से यह अनुमान लगाया गया है।

रायपुर (निप्र)। भोरमदेव अभयारण्य में तीन शेरों की चहलकदमी के सबूत मिले हैं। पद-चिन्ह और मल से यह अनुमान लगाया गया है। हालांकि शेरों की संख्या इससे ज्यादा भी हो सकती है। अब इन शेरों के मूवमेंट को कैमरे में कैद करने के लिए 40 हाई क्वालिटी के कैमरे लगाए गए हैं। नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी रायपुर ने ट्रैपिंग शुरू कर दी है।

जनवरी 2016 में पहली बार वन विभाग को भोरमदेव अभयारण्य में शेर की मौजूदगी के निशान मिले थे। जिसके बाद वन विभाग ने पहली बार यहां साइंटिफिक (वैज्ञानिक) कैमरा ट्रैपिंग की योजना बनाई। यह प्रोजेक्ट नोवा नेचर रायपुर को मिला है। इससे पहले वन विभाग ने यहां दो कैमरे लगाए थे, जिनमें से एक में शेर के आधे शरीर की तस्वीर आई थी।

नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी के सचिव मोइज अहमद ने 'नईदुनिया" को बताया कि यहां 352 वर्ग किमी के क्षेत्र में शेर की मौजूदगी दर्ज हुई थी। इसी क्षेत्र में प्रत्येक 4 वर्ग किमी में एक कैमरा लगाया गया है। भोरमदेव अभयारण्य कान्हा नेशनल पार्क से लगा हुआ है।

यह 'कान्हा अचानकमार टाइगर कॉरिडोर" में आता है। यहां जारी सर्वे के दौरान शेर का मल मिला है, जिसका परीक्षण करवाया जा रहा है। साइंटिफिक कैमरा ट्रैपिंग की प्रारंभिक रिपोर्ट वाइल्ड वर्ल्ड इंडिया (डब्ल्यूडब्ल्यूआई) को भेजी जा चुकी है।

कैमरे लगाने के बाद किया गया रिहर्सल

सभी कैमरे विशेष कॉरिडोर में पेड़ों पर लगाए गए हैं। इनकी ऊंचाई तकरीबन 2-4 फीट है। कैमरा लगाने के बाद वन विभाग, नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी के सदस्यों ने रिहर्सल भी किया, यह जानने के लिए कि कैमरों में तस्वीर सही आ रही है या नहीं।

अध्ययन में जीव-जंतु, पशु-पक्षी भी शामिल

अध्ययन में शेर के पग मार्क, मल के अलावा इस कॉरिडोर में लगे पेड़-पौधे और इनकी खासियत, यहां पाए जाने वाले जीव-जंतु, पशु-पक्षी को भी शामिल किया गया है। सारी रिपोर्ट वन विभाग को, फिर वहां से डब्ल्यूडब्ल्यूआई को भेजी जाएगी।

अब तक ये वन्यप्राणी दिखे कैमरे में

तेंदुआ, भालू, जंगली बिल्ली, सियार, जंगली कुत्ते, सांभर, चीतल, कोटरी, चौसिंगा, जंगली सुअर के अलावा बहुत से छोटे वन्यप्राणी व पक्षी कैमरे में कैद हुए हैं। 'नईदुनिया" को कुछ तस्वीरें सर्वे करने वाली एजेंसी ने उपलब्ध करवाई हैं, जिनमें तेंदुआ, हिरण दिखाई दे रहे हैं।

संख्या डिसक्लोज नहीं कर सकते

40 कैमरे लगाए जा चुके हैं, जिनसे हम शेर की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इस क्षेत्र में शेर कितनी संख्या में हैं, डिसक्लोज नहीं कर सकते। प्रारंभिक रिपोर्ट डब्ल्यूडब्ल्यूआई को भेजी जा चुकी है। हमारे लगाए कैमरों में शेर का मूवमेंट देखा गया है।

आलोक तिवारी, डीएफओ, भोरमदेव अभयारण्य

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