नक्सलियों के खौफ से घर में बंद थे, लेकिन अब दिखा रहे प्रतिभाUpdated: Mon, 17 Jul 2017 07:41 AM (IST)

आज इतने सक्षम हैं कि कौशल विकास योजना के तहत इमली का चस्का, सीएफएल बनाकर परिवार का पेट पाल रहे हैं।

रायपुर। इनडोर स्टेडियम में रविवार को नक्सल प्रभावित क्षेत्र समेत प्रदेश के कई हिस्सों से ऐसे युवा, महिलाएं पहुंचे जो कभी नक्सलियों के डर से घर से नहीं निकलते थे, लेकिन आज इतने सक्षम हैं कि कौशल विकास योजना के तहत इमली का चस्का, सीएफएल बनाकर परिवार का पेट पाल रहे हैं।

आज ये दूसरों को ट्रेनिंग देने में समर्थ हो गए हैं। विश्व युवा कौशल दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस योजना का लाभ लेकर रोजगार पाने वाले लोगों सहित कई महिला समूहों को पुरस्कृत किया। नईदुनिया टीम ने कुछ ऐसे लोगों से बात की जिनकी कहानी सुनकर कोई भी प्रेरणा ले सकता है।

नक्सली डर से आगे निकल परिवार का बना सहारा

सुकमा केरलापाल के 21 साल के अनिल ( आग्रह पर नाम बदला) ने बताया कि नक्सली घर आकर मां-बाप पर मुझे अपने साथ शामिल करने का दबाव बनाते थे। डर के मारे पढ़ाई छोड़कर घर में ही रहने लगा। दोस्त मिलने आए तो बताया कि जिला प्रशासन नौकरी के लिए ट्रेनिंग दे रहा है। साहब लोगों से जाकर मिला, उन्होंने बताया कि मुझे भी काम करना है। अब यहां ट्रेनिंग लेकर इमली चस्का सॉस बनाना सीख गया हूं। पूरा काम मशीन से होता है। मैं भी ऑपरेटर बन गया हूं। पहले बेरोजगार था, अब 6-7 हजार रुपए घर भेज रहा हूं। मेरे दोस्तों को भी काम मिल गया है।

33 की उम्र तक थे बेरोजगार, अब बना रहे सीएफएल

इनडोर स्टेडियम में दो दिव्यांग स्टॉल लगाकर सीएफएल बेच रहे थे। पूछने पर इन्होंने अपना नाम सहदुर राम और विजय खलको बताया। सहदुर का एक हाथ नहीं है, वहीं विजय भी दिव्यांग है। दोनों ने बताया कि उनकी उम्र 34 की हो गई है। पिछले साल तक वे बेरोजगार थे। कौशल विकास योजना से ट्रेनिंग लेकर अब लाइवली हुड कॉलेज में सीएफएल बना रहे हैं। पहले सबके ताने सुनने पड़ते थे, लेकिन अब 6-7 हजार रुपए परिवार वालों को दे रहे हैं। जीविका की कोई चिंता नहीं, अब तो दूसरों को भी ट्रेनिंग दे रहे हैं।

10वीं पास लड़के ने बनाया यंत्र, मोबाइल से बंद कर लो घर के लाइट-पंखे

सुकमा कांसाबेल के जयकमल राम के पिता शरीरिक रूप से कमजोर हैं। 21 साल के जयकमल के दो छोटे भाई हैं। परिवार चलाने के लिए 10वीं की पढ़ाई छोड़कर मजदूरी करनी पड़ रही थी। फिर कौशल विकास योजना का पता चला। अब लाइवलीहुड कॉलेज में ट्रेनिंग लेकर जयकमल हुनरमंद हो गया है। उसने ऐसा यंत्र बनाया है कि आप दुनिया में कहीं भी रहें, लेकिन मोबाइल से ही घर के पंखे-लाइट और बाकी बिजली उपकरण बंद या चालू कर सकते हैं। इसके अलावा इसमें आटोमेटिक टाइमर भी डाल सकते हैं।

लोग जानते थे सिर्फ मशरूम चिली और सब्जी, किसान ने बना दिया पापड़, बड़ी और सूप मिक्स

ज्यादातर लोग अभी तक सिर्फ मशरूम चिली और उसकी सब्जी के बारे में जानते थे, लेकिन सरगुजा के किसान ने मशरूम पापड़, बड़ी, अचार और सूप मिक्स तक बना दिया। कौशल दिवस पर पहुंचे प्रकाश यादव ने बताया कि पहले घर-घर जाकर लोगों को इसका महत्व समझाता था। फिर जिला प्रशासन से जुड़ा, फिर अधिकारियों के माध्यम से डॉक्टरों से। अब लोग इसके प्रोटीन और अन्य तत्व को जानने लगे हैं। लाइवलीहुड कॉलेज में बच्चों के साथ इसकी खेती में मदद करता हूं। मुझे भी रोजगार मिल गया है।

जरूर पढ़ें

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.