भोरमदेव अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनाने का फैसला, फिर बीच रोड का चौड़ीकरण क्यों?Updated: Mon, 19 Jun 2017 07:42 AM (IST)

0 रोजाना गुजरते हैं केवल 156 वाहन, सिंगल को डबल लेन करने 137 करोड़ खर्च किए जाएंगे 0 सामाजिक कार्यकर्ता सिंघवी ने चौड़ीकरण की अनुमति को रद्द करने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि भोरमदेव अभयारण्य से गुजरने वाली चिल्पी-रेंगाखार-सालेवारा रोड के चौड़ीकरण की अनुमति को रद्द करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता

0 रोजाना गुजरते हैं केवल 156 वाहन, सिंगल को डबल लेन करने 137 करोड़ खर्च किए जाएंगे

0 सामाजिक कार्यकर्ता सिंघवी ने चौड़ीकरण की अनुमति को रद्द करने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

भोरमदेव अभयारण्य से गुजरने वाली चिल्पी-रेंगाखार-सालेवारा रोड के चौड़ीकरण की अनुमति को रद्द करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाले नेशनल बोर्ड ऑफ वाइल्ड लाइफ को पत्र लिखा गया है। सामाजिक कार्यकर्ता नितिन सिंघवी ने शिकायत की है कि जिस अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनाने का फैसला राज्य सरकार ने लिया है, उसके बीच से निकलने वाली रोड का चौड़ीकरण करके वन्य जीवों को मारने की तैयारी की जा रही है। जबकि इस रोड से रोजाना औसतन केवल 156 वाहन ही गुजरते हैं, उसे सिंगल से डबल लेन करने के लिए 137 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसके लिए 3655 पेड़ों की बलि भी ली जाएगी।

सिंघवी ने बताया कि जिस सड़क का चौड़ीकरण करना है, वहां से रोजाना औसतन 19 ट्रक और 17 ट्रैक्टर गुजरते हैं। केवल इतने वाहनों के लिए रोड चौड़ीकरण की आवश्यकता ही नहीं है। पेड़ काटने से हजारों पक्षियों घोटाले और अंडों को नुकसान होगा। 14 किमी सड़क बनाने के लिए 20 हेक्टेयर और रिजर्व फॉरेस्ट में 12 किमी सड़क बनाने के लिए 17 हेक्टेयर जमीन लगेगी। वन क्षेत्र में वन्य जीवों के आने-जाने के लिए सड़क के नीचे से अंडरपास प्रस्तावित किया गया है। सिंघवी ने बताया कि 22 मई को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक हुई थी, जिसमें राज्य वन्य प्राणी बोर्ड में ने यह निर्णय लिया था कि भोरमदेव वन्य जीव अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनाया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण, नेशनल बोर्ड ऑफ वाइल्ड लाइफ और वाइल्ड लाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया से अनुमति लेने की कवायद शुरू कर दी है। भोरमदेव वन्य प्राणी अभयारण्य बाघों का कॉरिडोर है, जहां से बाघ कान्या नेशनल पार्क से भोरमदेव अभयारण्य आना-जाना करते हैं। इसी कॉरिडोर से वन्य प्राणी अचानकमार टाइगर रिजर्व तक भी आना-जाना करते हैं।

वाहनों की रफ्तार होगी घातक

सिंघवी ने नेशनल बोर्ड ऑफ वाइल्ड लाइफ और केंद्रीय मंत्री पर्यावरण वन व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय डॉ. हर्षवर्धन को पत्र में लिखा है कि प्रोजेक्ट रिपोर्ट के हिसाब से सड़क चौड़ीकरण से यातायात बढ़ जाएगा और वाहनों की रफ्तार 80 से 90 किमी प्रति घंटे होगी। ऐसे में वाहनों से टकराकर वन्य जीवों के मरने की दर बढ़ जाएगी।

18 अनुज 03- संतोष

समय-9.37 बजे

संबंधित खबरें

जरूर पढ़ें

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.