भोरमदेव अभयारण्य बनेगा टाइगर रिजर्वUpdated: Wed, 15 Nov 2017 07:13 AM (IST)

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण को सरकार भेजेगी प्रस्ताव राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक में हुआ फैसला रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि पर्यटन को बढ़ावा देने की गरज से भोरमदेव अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनाया जाएगा। इसके कोर और बफर क्षेत्र के प्रस्ताव को मंगलवार को राज्य वन्य जीव बोर्ड ने मंजूरी दे दी। अब यह प्रस्ताव राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण को भेजा जाएगा

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण को सरकार भेजेगी प्रस्ताव

राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक में हुआ फैसला

रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

पर्यटन को बढ़ावा देने की गरज से भोरमदेव अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनाया जाएगा। इसके कोर और बफर क्षेत्र के प्रस्ताव को मंगलवार को राज्य वन्य जीव बोर्ड ने मंजूरी दे दी। अब यह प्रस्ताव राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण को भेजा जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलते ही भोरमदेव राज्य का चौथा टाइगर रिजर्व होगा। इससे पहले उदंती- झेमचिसचहैचस, णरचैाचह चहग षचहगचन छभझसीतानदी, इंद्रावती और अचानकमार अभयारण्य को टाइगर रिजर्व घोषित किया जा चुका है।

राज्य वन्य जीव बोर्ड की मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। सीएम आवास पर हुई इस बैठक में टाइगर रिजर्व का एरिया तय कर दिया गया है। प्रस्ताव के अनुसार भोरमदेव टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल लगभग 624 वर्ग किलोमीटर होगा। इसमें से 318 वर्ग किलोमीटर कोर क्षेत्र और 305 वर्ग किलोमीटर बफर क्षेत्र होगा। कान्हा किसली टाइगर रिजर्व से लगा भोरमदेव अभ्यारण्य का पर्यावरण टाइगर रिजर्व के लिए अनुकूल है। इससे प्रदेश में पर्यावरण आधारित पर्यटन (ईको पर्यटन) को बढ़ावा मिलेगा। भोरमदेव टाइगर रिजर्व देश का 51वां टाइगर रिजर्व होगा।

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