भोरमदेव अभयारण्य बनेगा टाइगर रिजर्वUpdated: Wed, 24 May 2017 03:50 AM (IST)

मंगलवार को सीएम डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई राज्य वन्यजीव बोर्ड बैठक में इस पर सैद्घांतिक निर्णय हुआ।

रायपुर। कबीरधाम के भोरमदेव अभयारण्य को टाइगर रिजर्व घोषित किया जाएगा। मंगलवार को सीएम डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई राज्य वन्यजीव बोर्ड बैठक में इस पर सैद्घांतिक निर्णय हुआ।

कान्हा रिजर्व से लगे होने के कारण 351.24 वर्ग किमी क्षेत्र में फैले भोरमदेव की जैव विविधता भी समान है। वन्य जीवों की पानी की जरूरत पूरी करने संकरी व फेन नदी का उद्गम व सीमावर्ती रेंगाखार वनक्षेत्र में बंजर एवं हेलो नदी का उद्गम है।

बैठक में तय हुआ कि विशेषज्ञों की मदद से हाथियों को बलौदाबाजार व महासमुंद जिले से बाहर किया जाएगा। तमोरपिंगला अभयारण्य में हाथियों से बचाव व पुनर्वास केंद्र बनाया जाएगा। 12 हाथियों को रेडियो कॉलर लगाए जाएंगे। हाथियों को गुरू घासीदास राष्ट्रीय उद्यान व एलीफेंट रिजर्व-तमोरपिंगला, सेमरसोत व बादलखोल अभयारण्य और बड़े वन क्षेत्रों में सीमित रखा जाएगा।

कान्हा से लाए जाएंगे बारहसिंघा

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान से बारहसिंघा भोरमदेव अभयारण्य में लाने का निर्णय भी हुआ है। मप्र से 40 काले हिरण बारनवापारा में लाए जाएंगे। बार से 40 गौर गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान में शिफ्ट होंगे।

संबंधित खबरें

जरूर पढ़ें

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.