छत्तीसगढ़ में हादसे बढ़े, 13 हजार दुर्घटनाओं में 39 सौ मौतेंUpdated: Wed, 11 Oct 2017 08:51 PM (IST)

एसएलडी नियमों का कार्यान्वयन न होने से छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।

रायपुर। एसएलडी नियमों का कार्यान्वयन न होने से छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में 13580 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें 3908 लोगों की मौत हुई और 12355 लोग घायल हुए हैं। 40-50 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण तेज गति से वाहन चलाना है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार के अीन राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य डॉ.कमल सोई ने प्रेसवार्ता में बताया कि भारत सरकार की अधिसूचना के अनुसार 15 अपै्रल 2015 से स्पीड लिमिटिंग डिवाइस लगाया जाना अनिवार्य किया गया था और अंतिम तिथि 31 जनवरी 2017 थी।

छत्तीसगढ़ सरकार ने 17 जून 2016 को सुप्रीम कोर्ट में शपथपत्र भी दायर किया। सड़क सुरक्षा समिति ने एमआईएस सिस्टम से ऑनलाइन फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करना अनिवार्य है लेकिन ऑनलाइन सर्टिफिकेट जारी ना करके मैनुअल तरीके से जाली सर्टिफिकेट जारी किया जा रहा है।

विनिर्माताओं को ब्लैक लिस्ट करे सरकार

उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है, राज्य का परिवहन प्राकिरण इस पर रोक लगाने में असक्षम रहा है। घटिया विनिर्माताओं द्वारा गलत घोषणा किए जाने से असत्यापित फिटनेस वाले वाहनों पर परिवहन विभाग की अकिारिक मुहर लगी होती है, यह दिशानिर्देशों की अवहेलना है।

राज्य सरकार जांच करवाए और विनिर्माताओं को छत्तीसगढ़ में कारोबार करने के लिए ब्लैक लिस्ट किया जाए। साथ ही वाहनों में उचित इंस्टालेशन सुनिश्चित करें ताकि तेज गति से जनता की सुरक्षा को संकट में डालने की संभावना को कम किया जा सके।

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