शर्मनाक: नाबालिग के निजी अंगों में पेट्रोल डालकर किया जाता था प्रताड़ितUpdated: Thu, 16 Mar 2017 12:50 AM (IST)

शाहिन बिरयानी सेंटर में कार्यरत किशोरियों के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है।

रायगढ़। शाहिन बिरयानी सेंटर में कार्यरत किशोरियों के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पीड़ितों ने बाल विकास समिति को दिए बयान में कहा है कि बिरियानी सेंटर का मालिक अब्बा उसके साथ कई बार शारीरिक शोषण करने के अलावा नाजुक अंगों में पेट्रोल डालकर प्रताड़ित करता था। इधर 24 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के लिए एक महिला सब-इंस्पेक्टर की जरूरत है, जो फिलहाल मौजूद नहीं है। ऐसे में नाबालिग से जुड़े गंभीर मामले में अभी तक पुलिस ने एफआईआर नहीं की है।

किशोरियों के साथ बिरयानी सेंटर के संचालक द्वारा दैहिक शोषण करने के मामले में जो बयान पीड़ितों ने बयान दिया है वह रूह कपाने वाली है। पीड़िता बाल कल्याण समिति को बताया कि बिरियानी सेंटर का संचालक उसे नाजुक अंगों में पेट्रोल डाल दिया जाता था। कुछ माह पहले जब उसके साथ पहली बार यह कृत्य किया गया तो वह सिहर गई थी। जब 10 मार्च को फिर आरोपी अब्बा पेट्रोल लेकर ढाबा पहुंचा तो पीड़िता डर गई और बाल कल्याण समिति में आकर सारी बातों को बताया और समिति ने कार्रवाई करते हुए वहां से नाबालिग लड़कियों को छुड़ा लाई। दिल दहला देने वाली इस बयान से समिति के लोग भी हतप्रभ हैं। 13 साल के बच्ची के साथ होने वाले इस बहशियाना करतूत की कहानी सुनकर उनकी आंखें फटी रह गई।

नहीं हो सकी अभी तक एफआईआर

कोतवाली पुलिस की लापरवाही सामने आ रही है। गौरतलब है कि मंगलवार दोपहर बाल कल्याण समिति ने पुलिस के पास सूचना भेजा था कि नाबालिग लड़कियों से जुड़े मामले में तत्काल एफआईआर करने की जरूरत है। बावजूद इसके पुलिस इस मामले को हल्के में ले रही है। कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है। लिहाजा इसकी पहले जांच कराई जाएगी और उसके बाद किसी महिला सब-इंस्पेक्टर द्वारा इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल इस वक्त उनके पास महिला सब-इंस्पेक्टर नहीं है। जिसके चलते इस मामले में अभी तक कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि इस बारे में बाल कल्याण समिति के अधिकारियों का तर्क है कि पुलिस इस मामले में लीपापोती कर सकती है। चूंकि जिस शख्स के पर दैहिक शोषण के आरोप लग रहे हैं वह उंची रसूख वाला है। ऐसे में बाल कल्याण समिति के सदस्य कार्रवाई को लेकर असमंजस में हैं।

एएसपी से की गई शिकायत

मामले में कोतवाली संजीदगी नहीं दिखा रही थी। ऐसे में बाल कल्याण समिति ने इसकी शिकायत एएसपी से की है। बताया जाता है कि मंगलवार की दोपहर बालिका के बयान के बाद समिति के कार्यकर्ताओं ने पुलिस को आगाह किया, लेकिन पुलिस ने मामले को हल्के में लिया। ऐसे में इसकी शिकायत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से की।

उसने अपने उपर हुए इस तरह के बहशियाने करतूत की बात बताई है, हमने उसके बयान को दर्ज कर लिया है और उसे पुलिस के पास आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया है।

दिव्या तिवारी, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति

यह मामला बहुत गंभीर है, इसके लिए किसी महिला सब-इंस्पेक्टर की जरूरत है। फिलहाल हमारे यहां कार्यरत महिला सब-इंस्पेक्टर सारंगढ़ गई है। उसके आने के बाद ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।

सुशांतो बनर्जी थाना प्रभारी, कोतवाली

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