जेल में बंद बेटे ने पिता की हत्या के लिए दी सुपारी, अब मिली ऐसी सजाUpdated: Fri, 10 Nov 2017 07:29 PM (IST)

जेल में रहकर अपने पिता की हत्या कराने वाले बेटे को जिला न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

रायगढ़। जेल में रहकर अपने पिता की हत्या कराने वाले बेटे को जिला न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। शुक्रवार को जज बृजेन्द्र श्रीवास्तव की कोर्ट में हुए अेतिहासिक फैसले में आरोपी बेटे के साथ दो सुपारी हत्यारे को भी उम्र कैद की सजा मिली है। मामले में शासन की तरफ से पैरवी लोक अभियोजक अनिल श्रीवास्तव ने की।

शुक्रवार को जिला न्यायालय में जज बृजेन्द्र शास्त्री की कोर्ट मे हुए सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक ने बताया कि दो साल पहले 28 अगस्त 2015 को छाल थाना के अस्पताल पारा में रहनेवाले खेमा पटेल के घर में घुसकर अज्ञात अपराधियों द्वारा खेम पटेल और उनके बेटे लक्ष्मण पटेल की बेरहमी से हत्या कर दी थी।

वहीं इस दौरान खेमा पटेल की पत्नी और बहू को भी बुरी तरह से घायल कर फरार हो गए थे। हत्या की इस घटना की गुत्थी इतनी उलझी हुई थी कि पुलिस भी लगभग एक साल तक सुराग की तलाश करती रही, जिसमें यह बात सामने आई कि मृतक के बेटे प्रमोद उर्फ भवानी पटेल (28 साल) ने इस पूरी साजिश को अंजाम दिया था।

जेल में रहकर दिया था घटना को अंजाम

पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी बेटे भवानी पटेल अपराधिक प्रवृति का था तथा कई मामलों में जेल जा चुका है। बेटे की इस आदत के कारण पिता के साथ संबंध अच्छे नहीं थे। घटना से कुछ दिन पहले जेल में सजा काटने के दौरान उसकी मुलाकात बिहार के मधुबनी निवासी ऋषि कुमार शर्मा पिता रामविनय शर्मा 26 साल और गौतम चौहान पिता तुलराम चौहान 25 साल कबीर चौक से हुई।

दोनों आरोपी सुपारी कीलिंग का काम करते थे। आरोपी बेटे ने उन्हें पिता और भाई की हत्या करने के लिए सुपारी दी। दोनों आरोपी जेल से निकलने के बाद उक्त घटना को अंजाम देने के लिए पहुंचे थे। पुलिस की जांच में इसके सबूत मिले है।

सुनवाई के दौरान तीनों आरोपियों के खिलाफ प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर जज बृजेन्द शास्त्री ने हत्या के इस मामले को गंभीर मानते हुए तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

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