रायगढ़ की बेटी का हैरतअंगेज कारनामा, आंखों पर पट्टी बांधकर दिखाया ये रोमांचक खेलUpdated: Mon, 13 Nov 2017 02:44 PM (IST)

कोतरा रोड निवासी प्रतीचि ने ये सिद्ध कर दिखाया की जीवन में आगे बढ़ने के लिए जो जज्बा चाहिए वो उसमें है।

रायगढ़। प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। उसे जितना संवारा जाए उसने उतना निखार आता है। इस बात को कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल की कक्षा 6वीं में पढ़ने वाली बच्ची प्रतीचि पटेल साबित कर रही हैं। कोतरा रोड निवासी प्रतीचि ने ये सिद्ध कर दिखाया की जीवन में आगे बढ़ने के लिए जो जज्बा चाहिए वो उसमें है।

विगत 8 नवम्बर से रायगढ़ स्टेडियम में चल रहे राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के बीच रोल बॉल के मैदान पर उस समय

सभी अचंभित हो गए जब इस छोटी बच्ची ने आंख में पट्टी बांधकर स्केटिंग करते हुए नृत्य के माध्यम से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश एक अलग अंदाज में प्रस्तुत किया। तालियों की गड़गड़ाहट थमने का नाम नहीं ले रही थी सच कहा जाए तो प्रतीचि के इस प्रदर्शन ने देश के कोने-कोने से आए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन का काम किया। नन्हीं बालिका के अद्भुत प्रदर्शन से सभी रोमांचित हो गए।

प्रतीचि के दादा पीआर पटेल ने बताया कि ये बच्ची आंखों पर पट्टी बांधकर कुछ भी पढ़-लिख सकती है और साइकिल चलाने जैसे कई आश्चर्यजनक कारनामें कर सकती है। अपने भीतर की प्रतिभा को प्रदर्शित करती है। बच्चे में प्रकृति के प्रति लगाव और ट्रैकिंग के शौक को देखते हुए कुछ दिनों पहले प्रतीचि के पिता गोपाल पटेल द्वारा सिंघनपुर गुफा पर आधारित एक डाक्यूमेंट्री फिल्म भी बनाई गई है जिसमें प्रतीचि ने बतौर सूत्रधार काम किया है।

अब इतना ही कहना काफी होगा की प्रतीचि की प्रतिभाओं के सम्बन्ध में जब लॉस एंजिल्स अमेरिका की बारबरा डोब्रिन इकोलॉजी एंड इवोल्यूशन बायोलॉजीद्ध को पता चला तो प्रतीचि से मिलने रायगढ़ आ पहुंची और उसकी प्रशंसा कर प्रोत्साहित करते हुए उसे कुछ पेंंटिग्स एवं पुस्तक भेंट किया प्रतीचि के गुणों को निखारने में पिता के अलावा मम्मी, दादा, दादी, हेमन्त महंत, सुरेन्द्र निषाद एवं उसके कोच आबिद शाबरी सहित समस्त रायगढ़ रोलबॉल एसोसिएशन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

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