एआरटी के लिए नहीं है काउंसलर, छह माह से हो रही परेशानीUpdated: Fri, 21 Apr 2017 07:27 PM (IST)

काउंसलर नहीं होने से एचआईवी मरीजों को समय पर नहीं मिल रही दवा रायगढ़। नईदुनिया प्रतिनिधि एचआईवी मरीजों के लिए शुरु हुए लिंक एआरटी सेंटर में पिछले छह माह से काउंसलर नहीं है जिसके कारण यहां पहुंच रहे मरीजों को बार-बार परेशानी झेलनी पड़ रही है। कहा ये भी जा रहा है कि यहां कार्यरत काउंसलर को किसी साजिश के तहत यहां से हटाया गया है। जिससे

काउंसलर नहीं होने से एचआईवी मरीजों को समय पर नहीं मिल रही दवा

रायगढ़। नईदुनिया प्रतिनिधि

एचआईवी मरीजों के लिए शुरु हुए लिंक एआरटी सेंटर में पिछले छह माह से काउंसलर नहीं है जिसके कारण यहां पहुंच रहे मरीजों को बार-बार परेशानी झेलनी पड़ रही है। कहा ये भी जा रहा है कि यहां कार्यरत काउंसलर को किसी साजिश के तहत यहां से हटाया गया है। जिससे आए दिन यहां मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

एचआईवी पीड़ित पहले दवा लेने के लिए बिलासपुर एआरटी सेंटर में जाया करते थे। उन्हें राहत देते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लिंक एआरटी सेंटर की शुरुआत की गई है। बताते चलें कि उक्त केंद्र की स्थापना लगभग डेढ़ साल पहले चालू की गई है। ऐसे में दवा के लिए बिलासपुर पहुंचने वाले मरीजों को यहां से विशेष लाभ मिलने की कवायद शुरु हो चुकी थी। केंद्र में काम करने के लिए एक काउंसलर की नियुक्ति भी की गई थी, जिसे पिछले छह माह से बाहर कर दिया गया है। ऐसे में यहां पहुंच रहे मरीजों को ढेर सारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जाता है कि यहां के लिए कार्यरत काउंसलर अनिमा एक्का के खिलाफ स्वास्थ्य कार्यालय में कोई गलत जानकारी भेज दी गई थी जिसके चलते उसे निकाल दिया गया।

500 मरीज लेते हैं दवा

बताया जाता है कि लिंक एआरटी केंद्र में करीबन 500 मरीज अपना पंजीयन करवाये हैं, जिन्हें हर माह यहां से दवा दी जाती है। लेकिन अब जबकि वहां एक भी काउंसलर नहीं है तो ऐसे में मरीजों की संख्या भी घट गई है। गौरतलब है कि एचआईवी पीड़ित अपनी समस्या किसी के सामने बताने से हिचकते हैं, काउंसलर के सामने ही अपनी समस्या रख पाते हैं। ऐसे में अगर यहां पर काउंसलर नहीं है तो मरीजों की परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है।

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