नारायणपुर : नक्सली खौफ को दरकिनार कर ग्रामीण पहुंचे बासिंग मेलाUpdated: Wed, 23 Dec 2015 11:31 PM (IST)

अबूझमाड़ में माड़ियों ने लाल पैगाम और जुर्माने की बंदिश को दरकिनार कर बासिंग मेला में भाग लेकर बड़े बदलाव का संकेत दिया है।

मो. इमरान खान, नारायणपुर। अबूझमाड़ में माड़ियों ने लाल पैगाम और जुर्माने की बंदिश को दरकिनार कर बासिंग मेला में भाग लेकर बड़े बदलाव का संकेत दिया है। ग्रामीण अपने बच्चों को आकाशीय झूला झुलाने और मेला का लुत्फ उठाने बी़हड़ों से निकलकर काफी संख्या में पहुंचे थे।

पिछले एक साल से इस गांव की आबोहवा बदलने लगी है। कलेक्टर टामन सिंह सोनवानी की अगुवाई में यहां मेला का आयोजन किया जा रहा है। जिला मुख्यालय से करीब 23 किमी दूर सोनपुर मार्ग पर स्थित बांसिंंग में सुरक्षा बलों का स्थायी कैंप भी लगाया गया है।

पुरुष पांच, महिला पर सात सौ जुर्माना

सरकारी मेला को फ्लाप करने नक्सलियों ने पिछले दो माह से गांव- गांव में बैठक कर मेला स्थल न जाने का फरमान जारी किया है। नाफरमानी पर अर्थदण्ड की सीमा भी निर्धारित की गई थी। पुरुष के द्वारा आदेश का पालन न करने पर पांच सौ वहीं महिलाओं पर सात सौ रुपए का जुर्माना लगाने का ऐलान किया था।

रात को चली गोली

मेला के पहले दिन नक्सली खौफ पैदा करने कुंदला में रात को गोली चलाकर अपनी उपस्थिति का एहसास करा चुके थे। इसकी तैयारी में गए मैदानी कर्मचारी धमाके की आवाज सुनकर डर गए थे। नईदुनिया से चर्चा में एक कर्मचारी ने बताया कि रात ग्यारह बजे के बाद सात से आठ धमाके की आवाज सुनाई दी। वह दहशत में आकर जमीन पर लेट गया। कुंदला के एक ग्रामीण ने बताया कि नक्सलियों ने रात में फायरिंग करने के बाद फटाके भी फोड़े थे।

मेहनत रंग लाने लगी

'अबूझमाड़ के पिछड़े इलाकों को सरकार से जोड़ने कई दिनों से मेहनत की गई थी जिसका असर दिख रहा है। अब मेहनत रंग लाने लगी है। बासिंग के बाद कोहकामेटा और सोनपुर गांव का विकास किया जाएगा।' -टामनसिंह सोनवानी, कलेक्टर नारायणपुर

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