अब आई बच्चों की सुध, स्कूल बसों पर की ताबड़तोड़ कार्रवाईUpdated: Wed, 13 Sep 2017 04:01 AM (IST)

स्कूल में अभिभावकों को सर्टिफाइड किए जाने के बाद ही बच्चों को ले जाने की अनुमति पर मोहर लगाने की बात कही जा रही है।

कोरबा। हरियाणा के गुरूग्राम स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुई घटना के बाद नईदुनिया ने स्थानीय स्कूलों में सुरक्षा की व्यवस्था का जायजा लिया था। इस दौरान स्कूल प्रबंधनों की कई चूक सामने आई थी। मंगलवार को 2300 स्कूल, 2.50 लाख बच्चे, सुरक्षा भगवान भरोसे शीर्षक से खबर प्रकाशन के बाद हरकत में आए प्रशासन ने सुरक्षा संबंधी कार्रवाई तेज कर दी है।

शिक्षा विभाग ने भी स्कूलों को रिमाइंडर जारी करने का निर्णय लिया है। यातायात विभाग ने 55 स्कूल बसों के परमिट की जांच की व बस संचालकों के लाइसेंस की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की है।

स्कूल के सुरक्षागत स्थिति का जायजा लेते हुए यातायात विभाग ने मंगलवार को बच्चों को स्कूल से लाने ले जाने वाले छोटे वाहनों की जांच की। इस दौरान 18 वाहनों में अव्यवस्था पाई गई। सेंट जेवियर्स, डीएवी स्कूल मार्ग मुड़ापार व सीएसईबी चौक में वाहनों का औचक निरीक्षण किया गया।

यातायात नियम के तहत चालान काट कर 9 हजार वसूल किया गया। बढ़ती आपराधिक घटनाओं के मद्देनजर स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शिक्षा विभाग व स्कूल प्रबंधन की मुस्तैदी पर एक बार पिᆬर से सवाल खड़ा हो गया है।

शिक्षा विभाग ने स्कूलों को पूर्व में जारी सुरक्षा निर्देश को पुनःअवलोकन करने कहा है। स्कूलों में अव्यवस्था की स्थिति पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश को दोहराया है। अवमानना किए जाने पर निजी स्कूलों में तालाबंदी की कार्रवाई को प्रबंधन के प्रति स्पष्ट किया गया है।

मामले को लेकर स्कूलों ने भी शिक्षकों को दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। सतर्कता को देखते हुए स्कूलों में सुरक्षागत नीतियों में संशोधन किया जा रहा है। स्कूल में अभिभावकों को सर्टिफाइड किए जाने के बाद ही बच्चों को ले जाने की अनुमति पर मोहर लगाने की बात कही जा रही है।

शिक्षा विभाग ने स्कूल बसों की संख्या, चालक का नाम, मोबाइल नंबर सहित समस्त जानकारी स्कूलों में चस्पा करने का निर्देश पूर्व में जारी किया था। अब भी अधिकांश स्कूलों में नियम की अनदेखी की जा रही है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि स्कूल प्रबंधनों को रिमांडर निर्देश जारी किया जा रहा है। इसके बाद भी अवमानना पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

महिला कंडक्टर की उपस्थिति अनिवार्य

जिन स्कूलों में केवल बालिकाएं अध्ययन करती हैं, वहां की स्कूल बसों में महिला कंडक्टर अथवा स्कूल की ही महिला स्टाफ को नियुक्त करने का निर्देश यातायात विभाग ने दिया है। इसके अलावा जहां छोटे बच्चे अथवा बालक-बालिका दोनों ही एक ही वाहन में जाते हैं, वहां भी आवश्यकता के अनुसार महिला सहयोगी की नियुक्ति की जाए। सुरक्षा व्यवस्था दुरूस्त करने की जानकारी से यातायात पुलिस को अवगत कराया जाए।

छोटे वाहनों में नहीं मिला फर्स्ट एड किट

स्कूल वाहनों की सघन जांच से कई तरह की अनियमितता सामने आ रही है। इस संबंध में छोटे वाहनों में पᆬर्स्ट एड का अभाव पाया गया है। जारी गाइडलाइन के अनुसार प्रत्येक वाहनों में अनिवार्य रूप से प्राथमिक उपचार संबंधी दवाओं का होना जरूरी है। इस अव्यवस्था को लेकर समझाइश देते हुए यातायात प्रभारी ने स्कूल प्रबंधनों को व्यवस्था दुरूस्त करने की हिदायत है। साथ ही कहा है कि फर्स्ट एड के संबंध में बच्चों को भी प्रशिक्षित किया जाए।

स्कूल से बच्चों को लाने ले जाने के लिए उपयोग किए जाने वाले छोटे-बड़े सभी वाहनों की पड़ताल की जा रही है। खामियां पाई गई वाहनों पर यातायात नियम के तहत कार्रवाई करते हुए चालान भी काटी जा रही है। यह कार्रवाई सतत जारी रहेगी। नियम क उल्लंघन करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा। - एसएस पटेल, यातायात प्रभारी

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